पीएम मोदी ने कहा, संसद के खिलाफ ही आंदोलन कर रहे हैं कांग्रेस और उसके साथी

तुमकुर। पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के तुमकुर में गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस और विपक्ष के आंदोलन को लेकर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी दल देश की संसद के खिलाफ ही मैदान में उतरे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह पहले ही हमारी संसद ने नागरिकता संशोधन कानून को मंजूरी देने का ऐतिहासिक काम किया है लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश में संसद के खिलाफ आंदोलन करने में जुटे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, ‘ये लोग पाकिस्तान से आए दलितों, पिछड़ों और प्रताड़ितों के खिलाफ ही आंदोलन कर रहे हैं। पाकिस्तान का जन्म धर्म के आधार पर हुआ था और तब से ही दूसरे धर्मों के लोगों के साथ अत्याचार शुरू हो गया था। समय के साथ पाकिस्तान में हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध और ईसाइयों पर लगातार अत्याचार बढ़ता रहा है।’
पीएम मोदी ने कहा कि लाखों लोगों को अपने घर छोड़कर भारत आना पड़ा है। पाकिस्तान ने इन लोगों पर जुल्म किया लेकिन कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल पाक के खिलाफ नहीं, बल्कि पीड़ितों के खिलाफ ही आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘शरण लेने आए लोगों के खिलाफ जुलूस निकाले जा रहे हैं लेकिन जिस पाकिस्तान ने वहां के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए उसे लेकर आखिर मुंह पर ताले क्यों लगे हुए हैं।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा यह फर्ज बनता है कि पाकिस्तान से आए शरणार्थियों की मदद करें। हमारा फर्ज है कि पाक से आए हिंदुओं और उनमें भी ज्यादातर दलित लोगों को हम उनके नसीब पर नहीं छोड़ सकते।’
हमारा फर्ज है कि पीड़ितों की मदद करें
पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान से आए सिख, जैन और ईसाई परिवारों की मदद करें। उन्होंने कहा कि जो लोग आज संसद के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि आज पाक को बेनकाब करने की जरूरत है। आंदोलन करना ही है तो आपको पाकिस्तान के पिछले 70 सालों के कारनामों के खिलाफ करना चाहिए।
सिद्ध गंगा मठ के संत शिवकुमार को दी श्रद्धांजलि
इससे पहले मोदी ने श्री सिद्धगंगा मठ में आयोजित कार्यक्रम में संत शिवकुमार स्वामी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि संतों के दिखाए मार्ग के कारण ही हमने 21वीं सदी के तीसरे दशक में हमने उम्मीद और उत्साह के साथ कदम रखे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को मालूम है कि बीते दशक की शुरुआत किस तरह के माहौल में हुई थी और अब क्या स्थिति है।
-एजेंसियां

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