WDFC के लोकार्पण समारोह में पीएम मोदी ने कहा, स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन को मंजूरी मिलना गर्व की बात

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में बने दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा इससे हर भारतीय के मन में देश की क्षमता के प्रति नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है। पीएम ने ये बातें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के 306 किलोमाटर लंबे रेवाड़ी-मदार खंड का लोकार्पण समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले भारत ने कोरोनी की दो मेड इन इंडिया वैक्सीन स्वीकृत की है। भारत की अपनी वैक्सीन ने देशवासियों में नया आत्मविश्वास पैदा किया है।”
पीएम ने कहा कि नए वर्ष की शुरुआत आत्मनिर्भर भारत के कई कार्यों से हुई है जिन्होंने भारत से प्यार करने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ला दिया है। मोदी ने कहा, “2021 की शुरुआत के माहौल में आरंभ से ही भारत की ये तेजी, आत्मनिर्भरता के लिए गति, ये सारी बातें देख करके, सुन करके, कौन हिंदुस्तानी होगा, कौन मां भारती का लाल होगा, कौन भारत से प्रेम करने वाला होगा जिसका माथा गर्व से ऊंचा न हो। आज हर भारतीय का आह्वान है- न हम रुकेंगे, न हम थकेंगे, हम सब भारतीय मिलकर और अधिक गति से आगे बढ़ेंगे।”
पीएम ने मोदी ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन द्वारा चलने वाली 1.5 किलोमीटर लंबी दुनिया की पहली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन का भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए चल रहे महायज्ञ ने आज एक नई गति हासिल की है। बीते दिनों आधुनिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गए हैं।”
ध्यान रहे कि 2 जनवरी को भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सीन और एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) की कोवीशील्ड को भारत में सीमित आपातकालीन उपयोगी की मंजूरी दे दी गई। भारत बायोटेक देसी कंपनी है जिसने भारतीय आर्युविज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की मदद से कोवैक्सीन (Covaxin) विकसित की है जबकि ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) की मदद से कोवीशील्ड (Covishield) बनाई है। हालांकि, कोवीशील्ड का उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) कर रही है। यही वजह है कि पीएम ने दोनों वैक्सीन को मेड इन इंडिया करार दिया है।
पीएम ने दुनिया की पहली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 306 किलोमीटर लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने 1.5 किलोमीटर लंबी दुनिया की पहली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ राजस्थान एवं हरियाणा के राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे।
डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन का परिचालन
डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन के परिचालन में 25 टन का बढ़ा हुआ एक्सल लोड होगा। इसे डीएफसीसीआईएल के लिए आरडीएसओ के वैगन विभाग द्वारा डिज़ाइन किया गया है। बीएलसीएस–ए और बीएलसीएस–बी वैगनों की प्रतिकृति के परिचालन के परीक्षण पूरे हो चुके हैं। यह डिजाइन क्षमता उपयोग और एक समान वितरित एवंस्थलवारलदान (पॉइंट लोडिंग) को अधिकतम स्तर पर ले जायेगा। कंटेनर इकाइयों के लिहाज से डब्ल्यूडीएफसी पर एक लॉन्ग हॉल डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन में जुड़े ये वैगन भारतीय रेलवे की वर्तमान क्षमता की तुलना में चार गुना अधिक कंटेनर इकाइयों को ढो सकते हैं।
डीएफसीसीआईएल भारतीय रेलवे की पटरियों पर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की मौजूदा अधिकतम गति के मुकाबले 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से मालगाड़ियां चलाएगा, वहीं भारतीय रेलवे की लाइनों पर मालगाड़ियों की 26 किलोमीटर प्रति घंटे की मौजूदा औसत गति को बढ़ाकर डीएफसी पर 70 किलोमीटर प्रति घंटा भी किया जाएगा।
डब्ल्यूडीएफसी का न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड
पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे (Western Dedicated Freight Corridor) का न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड हरियाणा (महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में लगभग 79 किलोमीटर) और राजस्थान (जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर और अलवर जिलों मेंलगभग 227 किलोमीटर) में स्थित है। इसमें नौ नवनिर्मित डीएफसी स्टेशन शामिल हैं, जिनमें से छह- न्यू डबला, न्यू भगेगा, न्यू श्री माधोपुर, न्यू पचार मलिकपुर, न्यू सकून और न्यू किशनगढ़-क्रॉसिंग स्टेशन हैं। जबकि अन्य तीन- रेवाड़ी, न्यू अटेली और न्यू फुलेरा- जंक्शन स्टेशन हैं।
इस खंड के शुरू होने से राजस्थान और हरियाणा के रेवाड़ी- मानेसर, नारनौल, फुलेरा और किशनगढ़ इलाके में स्थित विभिन्न उद्योगों को लाभ होगा और यह काठुवास में स्थित कॉनकोर के कंटेनर डिपो के बेहतर इस्तेमाल को भी संभव बनायेगा। यह खंड गुजरात में स्थित कांडला, पिपावाव, मुंधरा और दाहेज के पश्चिमी बंदरगाहों के साथ निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगा। इस खंड के उद्घाटन के साथ, डब्ल्यूडीएफसी और ईडीएफसी के बीच निर्बाध संपर्क संभव हो जायेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 29 दिसंबर 2020 को ईडीएफसी के 351 किलोमीटर लंबे न्‍यू भाऊपुर-न्‍यू खुर्जा खंड देश को समर्पित किया था।
-एजेंसियां

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