पीएम मोदी ने कहा, 21वीं सदी के भारत को फूड प्रोसेसिंग क्रांति की ज़रूरत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कृषि क्षेत्र को लेकर बजट में हुई घोषणाओं से संबंधित वेबिनार में कहा है कि 21वीं सदी के भारत को फूड प्रोसेसिंग क्रांति की ज़रूरत है.
पीएम मोदी ने अनुबंधीय खेती के मुद्दे पर कहा, “हमारे यहां कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग लंबे समय से किसी न किसी रूप में की जा रही है. हमारी कोशिश होनी चाहिए कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग सिर्फ एक व्यापार बनकर न रहे बल्कि उस जमीन के प्रति हम ​अपनी ज़िम्मेदारी को भी निभाएं.”
उन्होंने कहा है कि ‘आज ये समय की मांग है कि देश के किसान की उपज को बाज़ार में ज़्यादा से ज़्यादा विकल्प मिलें, सिर्फ उपज तक किसानों को सीमित रखने का नुकसान देश देख रहा है. हमें देश के कृषि क्षेत्र का प्रोसेस्ड फूड के वैश्विक मार्केट में विस्तार करना ही होगा.’
पीएम मोदी ने कहा, “आज हमें कृषि के हर सेक्टर में प्रोसेसिंग पर सबसे ज़्यादा ध्यान देना है. इसके लिए जरूरी है कि किसानों को अपने गांवों के पास ही स्टोरेज की आधुनिक सुविधा मिले. खेत से प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचने की व्यवस्था सुधारनी ही होगी.
लगातार बढ़ते कृषि उत्पादन के बीच, 21वीं सदी में भारत को पोस्ट हार्वेस्ट क्रांति या फूड प्रोसेसिंग क्रांति और वैल्यू एडिशन की आवश्यकता है. देश के लिए बहुत अच्छा होता अगर ये काम दो-तीन दशक पहले ही कर लिया गया होता.”
-एजेंसियां

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