Silvassa में बोले पीएम मोदी, महागठबंधन सिर्फ मोदी के खिलाफ ही नहीं, ये देश की जनता के खिलाफ है

सिलवासा। Silvassa में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को महागठबंधन को लेकर विपक्षी पार्टियों पर तंज कसा। प्रधानमंत्री ने गुजरात के Silvassa में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये महागठबंधन सिर्फ मोदी के खिलाफ ही नहीं, ये देश की जनता के खिलाफ है। कुछ लोग खुद को बचाने के लिए सहारा ढूंढ रहें है और मैं देश को आगे ले जाने के लिए सबका साथ-सबका विकास के मंत्र को लेकर निकल पड़ा हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलवासा में 189 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज की नींव रखी। यहां प. बंगाल में चल रही ममता बनर्जी की यूनाइडेट इंडिया रैली पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि महागठबंधन मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि देश की जनता के खिलाफ है।मोदी ने कहा- महागठबंधन अभी ढंग से साथ भी नहीं आया है और अभी से अपने हिस्से को लेकर मोलभाव शुरू कर दिया गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरे कदमों ने कुछ लोगों को बेचैन कर दिया है। ये स्वाभाविक है कि वे गुस्सा हों, क्योंकि मैंने उन्हें जनता का पैसा लूटने से रोक दिया। नतीजा यह निकला कि उन्होंने अब महागठबंधन बना लिया है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में विपक्षी दलों के नेताओं के जमावड़े पर प्रधानमंत्री ने कहा कि येलोग डर गए हैं। उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में भाजपा का केवल एक विधायक हैं लेकिन वहां भाजपा के विरोध में देश के सारे दल इकट्ठा हो गए हैं, क्योंकि हम सत्य के मार्ग पर चलने वाले लोग हैं इसलिए हमारे एक विधायक से भी ये लोग डर गए हैं।’

इसके अलावा पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने नाम की जगह काम पर ध्यान दिया हैं। इससे साफ पता चलता हैं कि हमारी नीयत देश के विकास की हैं एक परिवार के विकास की नहीं।

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र से चल रही केंद्र सरकार विकास की पंच धारा के लिए पूरी तरह समर्पित है। बच्चों को पढ़ाई, युवाओं को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसानों को सिंचाई जन-जन की सुनवाई हमारे लिए विकास का राजमार्ग है।’

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा जितनी भी योजनाएं चलाई जा रही हैं उनके मूल में सबका साथ और सबका विकास है जबकि जिस दल ने दशकों तक देश में सरकार चलाई वो हर काम में अपनी या अपने परिवार की संभावनाएं देखता था और यही कारण है कि वहां काम से ज्यादा नाम पर जोर दिया गया।
-एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *