2011 विश्व कप में धोनी के लिए खिलाड़ियों का चयन सिरदर्द बना था: युवराज

नई दिल्‍ली। पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह का मानना है कि किसी भी कप्तान का मनपसंद खिलाड़ी होना आम बात है और जब बात महेंद्र सिंह धोनी की आती है तो उनके लिए सुरेश रैना ही वह खिलाड़ी थे। युवराज ने कहा कि रैना को पूर्व भारतीय कप्तान धोनी का पूरा सपोर्ट मिला था।
भारत के सीमित ओवरों के महानतम क्रिकेटरों में से एक युवराज ने बताया कि किस तरह 2011 विश्व कप के दौरान चयन के मामले में धोनी को सिरदर्द का सामना करना पड़ा। उन्हें अंतिम एकादश में मुझे, यूसुफ पठान और सुरेश रैना में से किसी दो को चुनना था।
युवराज ने यूट्यूब चैनल ‘स्पोर्ट्स तक’ से कहा, ‘रैना को तब काफी सपोर्ट था क्योंकि धोनी उनका समर्थन करते थे। सभी कप्तानों के पसंदीदा खिलाड़ी होते हैं और मुझे लगता है कि उस समय माही ने रैना का काफी सपोर्ट किया।’
अंतत: तीनों खिलाड़ियों ने अंतिम एकादश (पठान को हालांकि टूर्नमेंट के बीच में अंतिम एकादश से हटा दिया गया) में जगह बनाई और युवराज की भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा, ‘उस समय यूसुफ पठान भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। मैं भी अच्छा खेल रहा था और विकेट भी हासिल कर रहा था। रैना उस समय अच्छी लय में नहीं थे।’
38 वर्षीय युवराज ने कहा, ‘तब हमारे पास बायें हाथ का स्पिनर नहीं था और मैं विकेट हासिल कर रहा था इसलिए उनके पास कोई और विकल्प नहीं था।’
उन्होंने युवा प्रतिभा को निखारने के लिए सौरभ गांगुली की सराहना की और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष को अपना पसंदीदा कप्तान चुना।
उन्होंने कहा, ‘दादा मेरे पसंदीदा कप्तान हैं। उन्होंने मेरा काफी समर्थन किया, सबसे अधिक। हम युवा थे इसलिए उन्होंने प्रतिभा को भी निखारा।’
-एजेंसियां

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