संस्कृति विवि में लगायी गईंं फलदार व छायादार वृक्षों की पौध

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के परिसर में बरसात से पूर्व हजारों की संख्या में वृक्षारोपण किया गया। इस बार सरकार की मंशा है कि जहां भी लगें, फलदार और छायादार वृक्ष लगाए जाएं। सरकार की इस मंशा के तहत वन विभाग द्वारा सभी विभागों को और अन्य संस्थाओं को इन पौधों का वितरण किया गया है। संस्कृति विवि प्रशासन ने वनविभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए तथा अपनी ओर से मंगाई गई पौध का परिसर में रोपण किया गया।

संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रशासनिक विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में जिसमें पूर्व से ही बड़ी मात्रा में छायादार, फूलदार वृक्ष लगे हैं, वर्षा से पूर्व इन नई पौधों का रिक्त स्थानों पर बड़ी मात्रा में गड्ढे खोदकर रोपण किया गया। इनमें महुआ, अश्विनी-केला, भरणी-आंवला, कुतिका-गुलर, रोहिणी-जामुन, फाल्गुनी-ढ़ाक, उ. फाल्गुनी-पाकड़, हस्त-रीठा चमेली, चित्रा-बेल, स्वाती-अर्जुन, नीम, अनुराधा-मौलश्री, ज्येष्ठा- चीड़, आम, कदंब आदि के वृक्षों की पौध लगाई गई है। परिसर की चारदीवारी के निकट और बागों के किनारे इन वृक्षों के लिए गड्ढे खोदे गए। पौधरोपण का यह कार्य संस्कृति विवि में रविवार से प्रारंभ हुआ है, जो अभी निरंतर जारी रहेगा।

विवि प्रशासन का कहना है कि यह काम सिर्फ पौधरोपण तक ही सीमित नहीं रहेगा, विवि के मालियों को इनके रखरखाव के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। विवि चाहता है कि लगाई गई हर पौध वृक्ष का रूप धारण करे। पौधरोपण के इस कार्यक्रम में विवि के प्रशासनिक विभाग, एग्रीकल्चर विभाग, एडमीशन सेल के अधिकारियों, कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

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