Pfizer की कोरोना वैक्‍सीन के साइड इफेक्‍ट से दुनियाभर में उठे सवाल

ओस्‍लो। दुनियाभर में जैसे-जैसे कोरोना वायरस वैक्‍सीन को लगाने का अभियान गति पकड़ रहा है, अमेरिकी कंपनी फाइजर (Pfizer) के टीके के दुष्‍प्रभाव के मामले बढ़ते जा रहे हैं। फाइजर की कोरोना वैक्‍सीन लगने के बाद नार्वे में 23 लोगों की मौत हो गई है और 100 लोगों पर इसका दुष्‍प्रभाव देखा गया है। एक अन्‍य यूरोपीय देश फ‍िनलैंड ने भी ऐलान किया है कि इस वैक्‍सीन को लगाने के बाद 32 लोगों में साइड इफेक्‍ट देखा गया है। हालांकि अभी यह पूरी तरह से पुष्‍ट नहीं हुआ है कि नार्वे में हुई इन मौतों का सीधा संबंध फाइजर की वैक्‍सीन से है।
नार्वे ने बताया कि है कि फाइजर का टीका लगने के बाद 23 लोगों की मौत हो गई है। यही नहीं, कुल 100 लोगों में इस कोरोना वैक्‍सीन को लगाने के बाद साइड इफेक्‍ट देखे गए हैं। नार्वे के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों में शरीर पर चकत्‍ते और आंखों के आसपास सूजन देखी गई। इन लोगों को तत्‍काल दवा दी गई और वे जल्‍द ही ठीक हो गए। उन्‍होंने कहा कि अन्‍य लोगों में सिर दर्द, थकान और इंजेक्‍शन लगने की जगह पर तेज दर्द के लक्षण देखे गए।
नार्वे के अधिकारियों ने साइड इफेक्‍ट को लेकर चेतावनी दी
नार्वे के अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह के साइड इफेक्‍ट वैक्‍सीन लगने के बाद सामान्‍य बात है। इस बीच नार्वे के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि फाइजर की कोरोना वायरस वैक्‍सीन कुछ खास उम्र के बीमार लोगों के लिए बहुत ज्‍यादा खतरनाक हो सकती है। नार्वे के अधिकारियों ने 13 मृत लोगों के अटाप्‍सी रिपोर्ट के बाद कहा कि सामान्‍य साइड इफेक्‍ट ने पहले से बीमार चल रहे लोगों और बुजुर्गों में गंभीर रिएक्‍शन पैदा किया।
नार्वे के इंस्‍टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्‍थ ने चेतावनी दी है कि ‘जो लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, उनके अंदर अगर वैक्‍सीन के बहुत कम साइड इफेक्‍ट भी हुए तो उन्‍हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।’ संस्‍था ने कहा है कि ‘जिन लोगों का जीवन काल बहुत कम बचा है, उनमें फाइजर की कोरोना वैक्‍सीन का फायदा या तो बहुत कम होगा या होगा ही नहीं।’ उधर, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने कहा है कि वह नार्वे में 23 लोगों के मौत की जांच पर नजर रखे हुए है।
फ‍िनलैंड में वैक्‍सीन के साइड इफेक्‍ट के 32 मामले सामने आए
इस बीच नार्वे के पड़ोसी देश फ‍िनलैंड ने कहा है कि उनके यहां फाइजर वैक्‍सीन के साइड इफेक्‍ट के 32 मामले सामने आए हैं। इन लोगों में एलिर्जिक रिएक्‍शन, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, सिर दर्द और ठंड लगने के लक्षण देखे गए। फ‍िनलैंड में किसी के मौत की कोई खबर नहीं है। उधर, बेल्जियम ने कहा है कि उनके यहां एक व्‍यक्ति को फाइजर की कोरोना वैक्‍सीन लगाने के 5 दिन बाद मौत हो गई। इजरायल ने भी कहा है कि उसके यहां माइल्‍ड साइड इफेक्‍ट के 1 हजार मामले सामने आए हैं।
नार्वे ने अपनी कोरोना वैक्‍सीन लगाने की गाइडलाइन को बदल द‍िया
कोरोना वैक्‍सीन से 23 लोगों की मौत से हिले नार्वे ने अपनी कोरोना वैक्‍सीन लगाने की गाइडलाइन को बदल द‍िया है। हालांकि इन मौतों के बाद भी नार्वे ने वैक्‍सीन को लगवाने काम जारी रखने का फैसला किया है। नार्वे में मारे गए सभी लोग 80 साल के ऊपर थे और नर्सिंग होम में भर्ती थे। नार्वे की मेडिसिन एजेंसी के मेडिकल डायरेक्‍टर स्‍टेइनार मैडसेन ने कहा, ‘डॉक्‍टरों को निश्चित रूप से सतर्कतापूर्वक ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए जिन्‍हें वैक्‍सीन लगाया जाना है। जो लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और अंतिम सांसें गिन रहे हैं, उन्‍हें एक-एक करके जांच करने के बाद ही टीका लगाया जाए।’
-एजेंसियां

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