Sadhvi Pragya की याचिका एनआईए कोर्ट से खारिज़़

नई दिल्‍ली। मुंबई में विशेष एनआईए अदालत ने भोपाल से लोकसभा सांसद Sadhvi Pragya की अदालत में एक सप्ताह में एक बार उपस्थित होने से स्थायी छूट के आवेदन को खारिज कर दिया है। Sadhvi Pragya ठाकुर ने इस आवेदन में कहा था कि वह सांसद हैं और उन्हें दिन-प्रतिदिन संसद की कार्यवाही में भाग लेना है।

हालांकि, मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर को अदालत में उपस्थित होने से आज के लिए छूट दे दी है।

इससे पहले 7 जून को भी हुई थीं पेश

तब जज के सवालों पर प्रज्ञा ने दिए थे ये जवाब-
प्रज्ञा से विशेष एनआईए कोर्ट के जज ने पूछा, “क्या आप जानती हैं या आपके वकील ने आपको इस बारे में बताया है कि अभियोजन पक्ष ने अब तक कितने गवाहों की जांच की है?” इस पर प्रज्ञा ने कहा,” मुझे नहीं पता।”

जज ने दूसरा सवाल पूछा, “अब तक जांच में गवाहों ने कहा है कि 29 सितंबर 2008 को एक धमाका हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। आपका क्या कहना है?” इस पर भी प्रज्ञा ने जवाब दिया, “मुझे नहीं पता।”

साध्वी प्रज्ञा और छह अन्य आरोपी यूएपीए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं। इन पर मालेगांव में एक मस्जिद के पास बम धमाका करने का भी आरोप है। इसमें 6 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।

क्या है मालेगांव मामला?
मालेगांव धमाका करीब 11 साल पुराना मामला है। 29 सितंबर, 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव की मस्जिद के सामने खड़ी एक मोटरसाइकिल में मौजूद विस्फोटकों के कारण बड़ा बम धमाका हुआ था। इस धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी, और लगभग 100 लोग घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक जिस गाड़ी में विस्फोटक रखे हुए थे, वो प्रज्ञा ठाकुर के नाम से रजिस्टर्ड थी।

यहीं से इस धमाके में साध्वी का नाम आया। हालांकि 2017 में मुंबई हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। अभी इस मामले की जांच मुंबई की विशेष एनआईए कोर्ट के हाथ में है।
– एजेंसी

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