राज्‍य सरकारों से चीनी करार रद्द कराने को सुप्रीम कोर्ट में याचिका

नई दिल्‍ली। कुछ राज्यों और भारतीय कंपनी के साथ चीन सरकार और उनके बिजनेस घरानों के बीच कारोबार के लिए होने वाले एमओयू यानी करार को रद्द करने की गुहार लगाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया है कि भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है और इस दौरान भारत सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर 59 चीनी एप्स को बैन किया है वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्य सरकार और कंपनी बिजनेस के लिए चीनी कंपनियों और चीन सरकार के स्टेक होल्डर से एमओयू साइन कर रहे हैं जो देश की भावनाओं के खिलाफ है ऐसे में इन तमाम करार को रद्द किया जाना चाहिए।
कश्मीर की एक महिला ने दाखिल की है याचिका
सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर में रहने वाली सुप्रिया पंडिता नामक महिला की ओर से अर्जी दाखिल कर गुजरात, महाराष्ट्र सरकार, भारत सरकार और एक बिजनेस घराना को प्रतिवादी बनाया है। अर्जी मे कहा गया है कि भारत और चीन के बॉर्डर पर जबर्दस्त तनाव है। भारत सरकार ने डाटा की सुरक्षा के मद्देनजर 59 चीनी एप्स को बैन किया है। देश की जनता ने इस कदम का स्वागत किया है और इसी बीच कुछ राज्यों और बिजनेस हाउस बिजनेस के लिए चीनी सरकार और वहां की कंपनियों से बिजनेस के लिए एमओयू पर दस्तखत कर रहे हैं। इससे देश में गलत संदेश जा रहा है। हाल के दिनों में बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है और भारत सरकार ने एप्स को बैन किया है क्योंकि उससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो गया था।
याचिका में चीनी कंपनियों से करार रद्द करने की मांग
वहीं कुछ राज्य सरकार चीन की कपनियों के साथ सीधे और परोक्ष रूप से एमओयू साइन कर रही है। इस तरह का एमओयू साइन किया जाना मनमाना है और जन भावना के खिलाफ है क्योंकि भारत चीन के बॉर्डर पर तनाव व्याप्त है। प्रतिवादी राज्य सरकारें और बिजनेस हाउस कारोबार के लिए चीन सरकार और उनके स्टेक होल्डरों से एमओयू साइन कर रही है जो पीएम के आत्मनिर्भर भारत की नीति के भी खिलाफ है। एक तरफ जहां भारत सरकार चीन के एप्स को सुरक्षा कारणों से बैन कर रही है वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्य सरकारें और बिजनेस हाउस चीनी सरकार के बिजनेस हाउस से बिजनेस करार कर रही है इससे देश में गलत संदेश जा रहा है।
केंद्र से भी जवाब मांगने की कही गई है बात
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वह प्रतिवादी सरकारों को निर्देश दे कि वह चीन के साथ हुए एमओयू को टर्मिनेट करे यानी रद्द करे। भारत सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह भारत और चीन के मामले में क्या व्यापारिक नीति है उसका खुलासा करे।
-एजेंसियां

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