सेक्स वर्कर्स को कथा सुनाने पर मोरारी बापू से लोग नाराज, सीएम से शिकायत

अयोध्या। देश के जाने-माने रामकथावाचक मोरारी बापू अयोध्या में सेक्स वर्कर्स को व्याख्यान देने पहुंचे तो यह बात भगवा ब्रिगेड को नागवार गुजरी। एक ओर जहां ये महिलाएं कार्यक्रम में बुलाए जाने से बेहद सम्मानित महसूस कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिणपंथी गुटों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से कर दी है। उनका कहना है कि इससे अयोध्या की छवि खराब हो रही है।
मोरारी बापू ने शनिवार को मुंबई से आईं 200 सेक्स वर्कर्स को व्याख्यान दिया। उन्होंने तुलसीदास की मानस गणिका पढ़कर सुनाई। इस बात पर डंडिया मंदिर के महंत भारत व्यास ने विरोध करते हुए कहा है कि भगवान राम की जन्मभूमि पर सेक्स वर्कर्स के आने से गलत संदेश जाएगा, उस पवित्र शहर में जहां श्रद्धालु अपने पाप धोने आते हैं।
‘पैसे बांटें, रामकथा नहीं’
ज्योतिष शोध संस्थान के प्रमुख प्रवीण शर्मा ने सीएम से शिकायत कर दी है। उन्होंने कहा, ‘मैंने मोरारी बापू की शिकायत सीएम से की है। अगर वह सेक्स वर्कर्स के जीवन में बदलाव चाहते हैं तो उन्हें रामकथा पर खर्च करने की जगह उनके बीच पैसे बांटने चाहिए।’
धर्म सेना प्रमुख और बाबरी मस्जिद मामले में आरोपी संतोष दुबे ने कहा कि मोरारी बापू शहर की पवित्रता को भ्रष्ट कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘अगर बापू समाज में बदलाव चाहते हैं तो उन्हें माओवादी और रेड-लाइट इलाकों में रामकथा का आयोजन करना चाहिए।’ अयोध्या के वाचक महंत पवन दास शास्त्री ने तो यहां तक कह दिया कि जब विश्वामित्र और नारद भी महिलाओं से असर से बच नहीं सके तो अयोध्या में उनकी मौजूदगी तो एकदम स्वीकार नहीं की जा सकती।
उठाते रहेंगे मुद्दे
हालांकि, मोरारी बापू पर इस विरोध का कोई असर नहीं है। उन्होंने कहा है, ‘तुलसीदास ने गणिकाओं के बारे में रामायण में कहा गया है और उनके जीवन बदलने की बात कही है।’ उनका कहना है कि वह वंचित समाज के मुद्दे उठाते रहेंगे क्योंकि भगवान राम का जीवन लोगों को स्वीकार करने और बदलाव लाने पर आधारित था। बता दें कि मुंबई के कमाठीपुरा गए मोरारी बापू ने सेक्स वर्कर्स को न्योता दिया था। अयोध्या में नौ दिवसीय रामकथा शनिवार को बड़ा भक्तमाल की बगिया में हुई तो ये सेक्स वर्कर्स भी पहुंचीं।
सम्मानित हैं सेक्स वर्कर्स
उधर, इस बुलावे से सेक्स वर्कर्स बेहद सम्मानित महसूस कर रही हैं। उनमें से एक ने कहा कि यह जीवन का बेहतरीन अनुभव था। उन्होंने बताया कि वे लोग पहली बार किसी धार्मिक सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। एक अन्य ने कहा, ‘हम भी चाहते हैं कि हमारी आत्मा भगवान के लिए समर्पण के जरिए सींची जाए। हम भी आस्था रखते हैं। इसमें शामिल होने के बाद मुझे लग रहा है कि आशीर्वाद मिल गया।’
-एजेंसियां

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