जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के नेता अब्दुल गनी डार को आतंकियों ने गोली मारी

PDP leader Abdul Ghani Dar shot dead in Jammu and Kashmir
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के नेता अब्दुल गनी डार को आतंकियों ने गोली मारी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के नेता अब्दुल गनी डार को आतंकियों ने आज गोली मार दी, घायलावस्‍था में उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया जहां उन्‍हें मृत घोषित कर दिया। पुलवामा के पीडीपी जिला अद्यक्ष रहे अब्दुल गनी डार को आतंकियों ने गोली मार दी. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस बारे में विस्तृत जानकारी आनी अभी बाकी है.
गौरतलब है कि जिस वक्त यह घटना घटी उस समय जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती दिल्ली में मौजूद हैं. आज उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें कश्मीर के हालात की जानकारी दी. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनके साथ घाटी के खराब हालात पर बातचीत हुई है. मौजूदा हालात से बाहर निकालना जरूरी है. हर हालात में बातचीत जरूरी है. अटल बिहारी वाजपेयी ने जहां बातचीत छोड़ी थी वहीं से शुरुआत करनी है. बातचीत के लिए माहौल बनाना जरूरी है. एक ओर पत्थरबाजी और दूसरी ओर गोली के माहौल में बातचीत संभव नहीं है.

पत्थरबाजी को लेकर महबूबा ने कहा कि दो तरह के लोग पत्थरबाजी में शामिल हैं. एक वे जो सिस्टम से खफा हैं और दूसरे वो जिन्हें जानबूझकर उकसाया जाता है. राज्यपाल शासन पर सवाल पूछे जाने को लेकर महबूबा ने कहा कि यह सवाल केंद्र से पूछा जाना चाहिए.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में हालात काफी महीनों से तनावपूर्ण बने हुए हैं. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर में जारी अशांति से उपजे हालात की आज शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा की. सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों ने श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र के लिए 9 अप्रैल को हुए उपचुनाव के दौरान भड़की हिंसा के बाद कश्मीर घाटी में जारी अशांति से उपजे हालात की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार- बैठक में अधिकारियों ने घाटी में हालात सामान्य करने के लिये उठाये गये कदमों की रिपोर्ट पेश की. इसमें पिछले कुछ दिनों में स्थानीय अलगाववादी गुटों की ओर से जारी पथराव और विरोध प्रदर्शनों के कारण सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मौजूदा स्थिति की अधिकारियों ने गृह मंत्री को जानकारी दी. इस दौरान सुरक्षाबल के जवानों पर पथराव की बढ़ती घटनाओं से उपजी चुनौती से निपटने की रणनीति पर भी विचार विमर्श किया गया.

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