विदेशी राजनयिकों से म‍िलने वाले पीडीपी नेता पार्टी से निष्कासित

जम्मू। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने गुरुवार को पार्टी के आठ नेताओं को निष्कासित कर दिया हैं। इन नेताओं ने जम्मू और कश्मीर का दौरा करने वाले विदेशी दूतों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। ये प्रतिनिधि मंडल सरकार की ओर से राज्य के हालातों का जायजा लेने के लिए भेजा गया था। पीडीपी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट के जरिए इसकी जानकारी दी है।

पीडीपी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल नौ नेताओं की सदस्यता रद्द करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी एजेंडे को दरकिनार कर व वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लिए बिना यह कदम उठाया जो उन्हें गवारा नहीं है। पार्टी के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि जिन नेताओं की पार्टी सदस्यता रद की गई है उनमें दिलावर मीर, रफी अहमद मीर, जफर इकबाल मन्हास, चौधरी कमर हुसैन, राजा मंजूर, जावेद बेग, अब्दुल माजीद पाडरू और अब्दुल रहीम राथर शामिल हैं।

इन सभी नेताओं ने श्रीनगर में उस 15 सदस्यों वाले विदेशी डेलिगश्न को घाटी के ताजा हालातों से रूबरू करवाया। इन नेताओं में गुलाम हसन मीर, अल्ताफ बुखारी, शोहेब इकबाल लोन, हिलाल अहमद शाह, नूर मोहम्मद शेख भी शामिल थे। विदेशी दल से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर ने कहा कि यहां 370 हटने के बाद यहां कोई गोली नहीं चली, हत्या नहीं हुई। श्रेय लोगों को भी जाना चाहिए, वे हिंसा के रास्ते पर नहीं गए। अब यह सरकार को साबित करना है कि अनुच्छेद 370 विकास के रास्ते में रुकावट था।

पीडीपी ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभिन्न देशों के दूतों का जम्मू-कश्मीर दौरा घाटी में सरकार द्वारा किए गए बंद को सामान्य दिखाने का प्रयास है। पीडीपी ने केंद्र को चुनौती दी कि वह दूतों को हिरासत में रखे गए राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करने की इजाजत दे। पीडीपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, आज प्रधानमंत्री कार्यालय दूतों के दूसरे जत्थे को कश्मीर में हालात दिखाने लाया, यह सरकार द्वारा किए गए बंद को सामान्य दिखाने का प्रयास लगता है। प्रधानमंत्री कार्यालय को चुनौती देते हैं कि क्या वे इन विदेशी दूतों को 160 दिन से जेल में बंद राजनीतिक बंदियों से मुलाकात करने देंगे?

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *