Delhi IAS अधिकारियों ने की PC, कहा- सीएम केजरीवाल राजनीति कर रहे हैं

नई दिल्‍ली। Delhi IAS अधिकारियों ने सीएम केजरीवाल पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम स्ट्राइक पर नहीं हैं, यह भ्रम फैलाया जा रहा है। आईएएस एसोसिएशन की मनीषा सक्सेना ने कहा कि हम सरकार की हर मीटिंग में हिस्सा लेते हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली सरकार के आईएएस अधिकारी के स्ट्राइक पर होने की बात को आईएएस एसोसिएशन ने झूठा करार दिया है। रविवार को दिल्ली के आईएएस अधिकारियों ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर सीएम केजरीवाल के सभी दावों को गलत बताया। आईएएस एसोसिएशन की मनीषा सक्सेना ने कहा कि सीएम केजरीवाल और उनके मंत्री अधिकारियों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोई भी आईएएस अधिकारी स्ट्राइक पर नहीं है। हम सरकार के साथ हर मीटिंग में हिस्सा ले रहे हैं।

 

साथ ही उन्होंने कहा कि हमें प्रताड़ित किया जा रहा है। मनीषा सक्सेना ने कहा कि हम हर स्तर पर सरकार का सहयोग कर रहे हैं। ऐसा नहीं होता तो चीफ सेक्रेटरी साहब रात में 12 बजे सीएम केजरीवाल के बुलावे पर उनसे बैठक करने नहीं जाते। Delhi IAS अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कहना गलत है कि दिल्ली सरकार के लिए काम करने वाले आईएएस अधिकारी सरकार का सहयोग नहीं कर रहे। चाहे बात कैबिनेट मीटिंग की या फिर बजट मीटिंग की हमारे अधिकारी हर जगह उपस्थित थे।

सात दिनों से धरने पर बैठे हैं केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा था कि, हम तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक LG साहब IAS अधिकारियों को मेरी सरकार के साथ फिर सहयोग शुरू करने का निर्देश नहीं देते। तीन महीने से वे हमारे द्वारा आहूत की गई बैठकों में आने से इंकार कर रहे हैं, और किसी भी निर्देश का पालन करने से भी। क्या आपने देश के किसी भी हिस्से में IAS अधिकारियों के काम करना छोड़ देने के बारे में सुना है…? इन सबके बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘मुझे नहीं लगता माननीय उप-राज्यपाल ने खुद ये फ़ैसला लिया होगा। साफ़ है पीएमओ ने उन्हें इजाज़त नहीं देने के निर्देश दिए होंगे। बिल्कुल उसी तरह जैसे आईएएस हड़ताल पीएमओ ने करवाई है।’

वहीं उन्होंने दूसरा ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा, ‘हम एक लोकतंत्र में रहते हैं। क्या पीएम दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सीएम से मिलने से रोकेंगे? राजभवन किसी की व्यक्तिगत संपति नहीं है,  ये भारत की जनता का है।

Delhi IAS अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कहना गलत है कि दिल्ली सरकार के लिए काम करने वाले आईएएस अधिकारी सरकार का सहयोग नहीं कर रहे। चाहे बात कैबिनेट मीटिंग की या फिर बजट मीटिंग की हमारे अधिकारी हर जगह उपस्थित थे।

-एजेंसी

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