बैंकों का लोन न चुकाने वाले उद्योगपतियों के खिलाफ केस फाइल करने का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के बनाए कानून को सही ठहराया

नई दिल्‍ली। बैंकों का लोन चुकाने में डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों के प्रमोटरों के खिलाफ पर्सनल बैंकरप्सी केस फाइल करने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने इस बारे में एक कानून बनाया था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है।
कोर्ट के इस फैसले के बाद बैंक अब उन कंपनियों के प्रमोटरों के खिलाफ पर्सनल बैंकरप्सी का केस दायर कर सकते हैं जिनकी कंपनियां कर्ज समाधान के लिए एनसीएलटी (NCLT) को भेजी गई हैं। इनमें कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी भी शामिल हैं।
जस्टिस एल नागेश्वर राव की अगुवाई वाली दो सदस्यीय पीठ ने कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। केंद्र सरकार ने 2019 में एक कानून बनाया था जिसमें बैंकों को डिफॉल्टिंग कंपनियों और उनके लोन के लिए गारंटी देने वालों लोगों के खिलाफ साथ-साथ बैंकरप्सी फाइल करने की अनुमति दी गई थी। बैंकों ने पिछले साल रिलायंस ग्रुप के अनिल अंबानी, दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड के कपिल वधावन और भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड के संजय सिंघल के खिलाफ बैंकरप्सी केस फाइल किया था। ऊपरी अदालतों में अपील के बाद इन मामलों को रोक दिया गया था।
पर्सनल गारंटी होगी जब्त
कोर्ट के इस फैसले से बैंकों को राहत मिलेगी क्योंकि अब वे गारंटर्स से अपने बकाये की वसूली कर सकेंगे। इससे बैंकों को अपनी बेड लोन बुक क्लीयर करने में मदद मिलेगी। आईबीसी कानून 2016 में बनाया गया था और 2017 के अंत तक कम से कम 52 कंपनियों को बैंकों के लोन के भुगतान में डिफॉल्ट करने पर एनसीएलटी भेजा गया था। इनमें वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज, भूषण स्टील, पुंज लॉयड और एस्सार स्टील शामिल थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कंपनियों को प्रमोटरों द्वारा की गई पर्सनल गारंटी को जब्त (invoke) कर लिया जाएगा।
पिछले साल अगस्त में दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में अनिल अंबानी के खिलाफ इनसॉल्वेंसी रेज्योलूशन प्रोसेस (IRP) पर रोक लगा दी थी। यह मामला 1200 करोड़ रुपए के लोन से जुड़ा है। SBI ने अंबानी की दो कंपनियों को यह लोन दिया था जो वे नहीं लौटा पाईं। अनिल अंबानी ने अगस्त 2016 में आरकॉम के लिए 565 करोड़ रुपये और रिलायंस इंफ्राटेल के लिए 635 करोड़ रुपये की पर्सनल गारंटी दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बैंक इस गारंटी को जब्त कर सकता है।
-एजेंसियां

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