पटना एम्स प्रशासन की हड़ताली संविदा नर्सिंग स्टाफ को कड़ी चेतावनी

पटना। पटना एम्स का 400 से ज्यादा नर्सिंग स्टाफ गुरुवार को हड़ताल पर चला गया है। सभी नर्सिंग स्टाफ एम्स के गेट के बाहर आकर खड़े हो गए हैं और अपना काम बंद कर दिया है। पटना एम्स प्रशासन ने हड़ताल पर गई संविदाकर्मी नर्सों को कड़ी चेतावनी दी है।
प्रशासन ने कहा है कि नर्सें जल्द से जल्द काम पर लौट आएं नहीं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। एम्स प्रशासन ने कहा है कि संस्थान वर्तमान समय और निकट भविष्य में किसा को नौकरी से हटाने नहीं जा रहा है। जहां तक बात एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट की बात है तो वो एम्स पटना के लैटर हेड पर दिया जाता है। बता दें, ये नर्सें वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।
एम्स प्रशासन ने संविदा नर्सिंग स्टाफ को लैटर जारी करते हुए लिखा है कि नौकरी की सुरक्षा, वेतन में वृद्धि की अपनी मांगों को लेकर जो हड़ताल पर हैं, उनसे आग्रह करते हैं कि वो फिर से अपनी ड्यूटी शुरू करें। अगर आप हड़ताल करते हुए इस महामारी से निपटने में प्रयासों को खतरे में डालते हैं उनके खिलाफ मजबूरी में कार्यवाही की जाएगी।
इससे पहले पटना एम्स के 400 से ज्यादा नर्सिंग स्टाफ गुरुवार को हड़ताल पर चले गए हैं। सभी नर्सिंग स्टाफ एम्स के गेट के बाहर आकर खड़े हो गए हैं और अपना काम बंद कर दिया है। दरअसल ये सभी नर्सिंग स्टाफ पटना एम्स की शुरूआत से ही कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं।
ये है हड़ताली कर्मियों की मांग
इनकी मांग वेतन में बढ़ोत्तरी और बाकी स्टाफ की तरह ही परमानेंट नौकरी की है। इन स्टाफ ने लिखित मांग की है कि कोरोना काल में नर्सिंग स्टाफ ने अभी तक बड़ा योगदान दिया है और ऐसे में इनका कोई भी साथी बीमार होता है तो उसे परमानेंट स्टाफ की तरह ही मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। समान कार्य समान वेतन के केंद्र सरकार के नियम एवं नीतियों को देखते हुए इनकी सैलरी को भी बढ़ाया जाए। इसके अलावा इनकी कुछ और मांगें भी हैं। लेकिन कोरोना काल में इस हड़ताल ने पटना समेत पूरे राज्य में परेशानी बढ़ा दी है। आपको बता दें कि पटना एम्स पूरी तरह से कोविड अस्पताल बनाया जा चुका है।
-एजेंसियां

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