6 महीने की शेल्फ लाइफ वाला Patanjali milk, टोंड मिल्क, दही, छाछ भी आया बाजार में

नई दिल्‍ली। बाबा रामदेव की पतंजलि ने गाय के दूध के साथ-साथ अब छह महीने की शेल्फ लाइफ वाला Patanjali milk,  छांछ, दही और  भी बाजार में उतार दिया है। आज बाबा रामदेव ने इसकी जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंंस में दी।

पतंजलि ने नए मिल्क प्रॉडक्ट लॉन्च किए। योग गुरु बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानाकरी दी और कहा कि गाय के दूध अब Patanjali milk  के साथ लस्सी, छांछ और दही भी मिलेंगे। पतंजलि छांछ दोनों तरह के हैं- बिना नमक के और नमक वाले। पतंजलि दही, अमूल और मदर डेयरी के दही से 5 रुपये सस्ता है। बाबा ने कहा कि अमूल और मदर डेयरी के दही 45 रुपये प्रति किलो हैं जबकि पतंजलि दही 40 रुपये प्रति किलो है। गौरतलब है कि रामदेव ने इस बार अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस गोशाला से की जहां सैकड़ों गायें हैं।

रामदेव ने कहा कि जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए 4 रुपये सस्ता टोंड मिल्क फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, हरिद्वार, जयपुर और महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, अहमदनगर के बाजारों में उतारा गया है। इसे आगे पूरे देश में पहुंचाने की योजना है।

6 माह तक खराब नहीं होगा ट्रेटा पैक
रामदेव ने कहा कि टेट्रा पैक वाले दूध को पूर्वोत्तर क्षेत्र समेत देशभर में उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा गोवंश की रक्षा करने की है।रामदेव ने कहा कि पतंजिल का टेट्रा पैक काउ मिल्क की शेल्फ लाइफ 6 महीने है। यह बहुत गाढ़ा है। टोंड दूध पीने के आदी लोग इसमें 50% पानी मिलाकर पी सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग पतंजलि दूध का टेट्रा पैक यात्रा के दौरान भी अपने साथ ले जा सकते हैं। इसका भाव 60 रुपये प्रति लीटर है।

किसान कल्याण और गोसेवा साथ-साथ: रामदेव
योग गुरु ने कहा कि पतंजिल के कारोबार किसानों का भी कल्याण हो। इसी वजह से 15 हजार किसानों के खाते खुलवाए हैं और सीधे खातों में पैसे भेज रहे हैं, कोई बिचौलिया नहीं है। उन्होंने कहा कि पतंजलि एक तरफ लोगों को गाय दूध के शुद्ध उत्पाद उपलब्ध करा रही है तो दूसरी ओर गोसेवा का मकसद भी पूरा हो रहा है। रामदेव ने कहा कि उनकी गोशाला में सारी गायें भारतीय नस्ल की हैं और यहां गायों की नस्ल सुधार का कार्य भी किया जा रहा है।

थर्ड पार्टी नहीं, पूरी तरह पतंजलि: रामदेव
रामदेव ने बताया कि पतंजलि के मेन प्लांट्स महाराष्ट्र के नेवासा, उत्तर प्रदेश मेरठ और हाथरस जबकि जयपुर में दो प्लांट्स हैं। पतंजलि मक्खन पूरा का पूरा नेवासा में बनता है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन होता है। हालांकि, जयपुर, हरिद्वार और एनसीआर आदि इलाके में भेजे जाने वाले दूध का ज्यादातर कलेक्शन बिकानेर, झुंझनू और जयपुर से होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पतंजलि दूध का प्रसंस्करण अपने ही प्लांट्स में करती है, किसी थर्ड पार्टी का सहारा लिया जाता है।
-एजेंसी

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