FATF से बचने को पाक की बड़ी चाल: निगरानी सूची से हटाए हजारों आतंकियों के नाम

इस्‍लामाबाद। कोरोना महासंकट के बीच पाकिस्‍तान ने खुद को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स FATF की ग्रे सूची से हटाए जाने के लिए बड़ा दांव चला है। पाकिस्‍तान ने पिछले 18 महीने में निगरानी सूची से हजारों आतंकवादियों के नाम को हटा दिया है।
पाकिस्‍तान ने यह हरकत ऐसे समय पर की है जब जून महीने में FATF की बैठक होने वाली है। FATF ने पाकिस्‍तान को 27 बिंदूओं पर एक्‍शन लेने के लिए जून तक का वक्‍त दिया है।
अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान की नेशनल काउंटर टेररिज्‍म अथार्टी इस लिस्‍ट को देखती है। इसका उद्देश्‍य ऐसे लोगों के साथ वित्‍तीय संस्‍थानों के बिजनेस न करने में मदद करना है। इस लिस्‍ट में वर्ष 2018 में कुल 7600 नाम थे लेकिन पिछले 18 महीने में इसकी संख्‍या को घटाकर अब 3800 कर दिया गया है। यही नहीं, इस साल मार्च महीने की शुरुआत से लेकर अब तक 1800 नामों को लिस्‍ट से हटाया गया है।
उधर, इतने बड़े पैमाने पर नामों को हटाने के बाद भी इमरान खान सरकार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इसका कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि एक पाकिस्‍तानी अधिकारी ने कहा कि ऐसा कि यह देश के आतंकवाद निरोधी प्रयासों को मजबूती देने वादे को पूरा करने के लिए चल रहे अभियान का हिस्‍सा है। अमेरिकी सरकार में पूर्व पॉलिसी एडवाइजर रह चुके पीटर पैटेटस्‍की ने कहा कि जितनी बड़ी तादाद में और जितनी तेजी से नामों को हटाया गया है, यह असामान्‍य है।
पीटर ने कहा, ‘करीब 4 हजार नामों को बिना सार्वजनिक रूप से सफाई दिए हटाया जाना बड़े सवाल खड़े करता है।’ अंतर्राष्‍ट्र‍ीय मानक यह है कि अगर वॉच लिस्‍ट से आतंकवादियों का नाम हटाया जाता है तो तुरंत उसकी सूचना वित्‍तीय क्षेत्र को देनी होती है। पाकिस्‍तान ने संदिग्‍ध आतंकवादियों के नाम हटाते समय ऐसा नहीं किया है। इस बारे में पाकिस्‍तान के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ताहिर अकबर अवन ने कहा कि ‘ संदिग्‍ध आतंकवादियों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा थी और इसमें कई गड़बड़‍ियां भी थीं।’ उन्‍होंने सफाई दी कि इस लिस्‍ट में वे नाम भी शामिल थे जिनकी मौत हो गई है और कई ऐसे भी थे जिन्‍होंने अपराध तो किया था लेकिन वे किसी प्रतिबंधित आतंकी गुट से जुड़े नहीं थे।
-एजेंसियां

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