पाकिस्तान की बौखलाहट, वाघा बॉर्डर पर खड़ी की समझौता एक्‍सप्रेस

नई दिल्‍ली। आर्टिकल 370 हटाने से पाकिस्तान इतना बौखला गया है कि वह एक के बाद एक लगतारा बेतुके कदम उठा रहा है। इसी सिलसिले में उसने समझौता एक्स्प्रेस को वाघा बॉर्डर पर ही रोक दी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आज पाकिस्तान से समझौता एक्सप्रेस को वापस आना था लेकिन पाकिस्तान ने उसे वाघा बॉर्डर पर रोक दिया। इससे कई लोग वाघा बॉर्डर पर फंस गए। पाकिस्तान ने भारत की सीमा में अपनी गार्ड और ड्राइवर को भेजने से इंकार कर दिया। उसने भारत से कहा कि वह अपना ड्राइवर और गार्ड भेजे। पाकिस्तान की इस हरकत से यात्री ट्रेन में असमंजस की स्थिति में फंस गए। भारत ने बाद में कहा कि वह अपना गार्ड और ड्राइवर भेजकर ट्रेन को सीमा में लाएगा।
उसने पुलवामा हमले की प्रतिक्रिया में भारत की ओर से हुए एयर स्ट्राइक के बाद भी समझौता एक्सप्रेस की आवाजाही रोक दी थी, जिसे बीते 4 मार्च को बहाल किया गया था। अब उसने फिर से इसे रोकने का ऐलान किया। उसने बुधवार को भारत के साथ व्यापार रोकने और राजनयिक संबंधों में कटौती की घोषणा की थी।
बहरहाल, पाकिस्तान के क्रू गार्ड ने ट्रेन बाघा पर खड़ी कर दी। पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों से ट्रेन को अटारी लाने में असमर्थता जताई। भारत की नॉर्दर्न रेलवे ने उन्हें आश्वस्त किया कि सुरक्षा का कोई खतरा नहीं है लेकिन पाकिस्तानी ड्राइवर ने कहा कि वह अपनी तरफ से आश्वस्त होने के बाद ही ट्रेन अटारी तक ले जाएंगे, नहीं तो वहां से इंडियन क्रू गार्ड को ही भारत की सीमा में लाना पड़ेगा।
समझौता एक्स्प्रेस सप्ताह के दो दिन दिल्ली और अटारी से पाकिस्तान के लाहौर के बीच चलती है। यह ट्रेन दोनों देशों के बीच हुए शिमला समझौते के बाद 22 जुलाई 1976 को शुरू हुई थी। पहली ट्रेन अमृतसर से खुली थी और करीब 52 किलोमीटर दूरी तय करते हुए लाहौर पहुंची थी।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले भारत के संविधा के आर्टिकल 370 खत्म किए जाने से पाकिस्तान की इमरान सरकार कट्टरपंथियों और सेना के जबर्दस्त दबाव में आ गई है। पाकिस्तान में भारत के इस फैसले को इमरान सरकार की नाकामी के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान सरकार को आर्टिकल 370 खत्म किए जाने के विरोध में कड़ा रवैया अपनाने का दिखावा करना पड़ रहा है।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *