अफगानिस्तान को दीमक की तरह खा रही है पाकिस्तान की ISI: नबील

काबुल। अफगानिस्तान के पूर्व इंटेलिजेंस चीफ रहमतुल्लाह नबील ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट्स को दीमक बताया है जो अफगानिस्तान के सिस्टम को खाए जा रहे हैं और देश को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इनसे निपटा जाना जरूरी है।
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के करीब 6,000-6,500 आतंकवादी पड़ोसी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं जिनमें से अधिकतर का संबंध ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ से है और वे दोनों देश के लिए खतरा हैं।
ISI एजेंट्स से निपटा जाना चाहिए
नबील एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों की खुफिया एजेंसियों के कर्मचारी सरकारी संस्थानों में हैं जो अफगानिस्तान के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे दीमक जो सिस्टम को तबाह कर रहे हैं। सिस्टम में मौजूद ISI एजेंट्स से निपटा जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि देश और क्षेत्र में मौजूद लोग अपने राजनीतिक और आर्थिक मकसद के लिए शोषण कर रहे हैं।
दूसरे देश कर रहे हमारे लिए फैसला
नबील ने इस बात पर भी असंतुष्टि जाहिर की कि अफगानिस्तान में शांति का फैसला दूसरे देश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘अब हम देख रहे हैं कि हमारी शांति भी इस तरह से प्रॉक्सी बन गई है जेस अफगान लोग इस प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हैं। नबील को शक है कि कहीं ऐसा न हो कि जैसे सोवियत जाते वक्त जंग में छोड़ गए थे, वैसे ही अमेरिकी भी आतंकवाद खत्म करने आए थे लेकिन जंग छोड़कर जा रहे हैं।
अफगानिस्तान में पाक आतंकी
‘आईएसआईएस, अल-कायदा और संबंद्ध व्यक्तियों और संस्थाओं से संबंधित विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी टीम’ की 26वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में कुल पाकिस्तानी विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की संख्या करीब 6,000 से 6,500 के बीच है, जिनमें से ज्यादातर का संबंध टीटीपी के साथ है और यह दोनों देशों के लिए खतरा पैदा करता है। रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में कई अन्य आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं जिनमें से ज्यादातर तालिबान के तहत काम करते हैं लेकिन कुछ आईएसआईएल-के के साथ संबद्ध हैं।
-एजेंसियां

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