पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, नगरोटा के पास चार आतंकी ढेर

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव से पहले पाकिस्तानी आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ के बाद इन्हें जम्मू से श्रीनगर जाते वक्त नगरोटा के पास एक ट्रक में मार गिराया गया है। सीआरपीएफ ने बताया कि सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस को सांबा से नगरोटा टोल प्लाजा की ओर 4 आतंकवादियों के मूवमेंट की खबर मिली थी। इसके बाद उन्हें घेर लिया गया और सभी को ढेर कर दिया गया। उनके पास से 11 एके-47 राइफल बरामद किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि ये आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के हो सकते हैं। एनकाउंटर में एक सिपाही के भी घायल होने की खबर है। आतंकियों से मुठभेड़ नगरोटा के पास जिस इलाके में हुई है, वह पहले भी कई इंसर्जेंसी ऑपरेशंस का गवाह रहा है। बीते कुछ महीनों में आतंकियों जम्मू से सटे बॉर्डर से घुसपैठ के बाद इसी रास्ते से कश्मीर में दाखिल होने की साजिश रचते दिखे हैं। थोड़ा पीछे देखें तो इसी साल फरवरी महीने में आतंकियों और सुरक्षाबलों की एक और मुठभेड़ नगरोटा में हो चुकी है।
बीते 1 फरवरी 2020 को भी पाकिस्तानी आतंकियों को लेकर जा रहे एक ट्रक को नगरोटा के इसी टोल प्लाजा के पास रोका गया था। इन आतंकियों को सीआरपीएफ के जवानों ने रोका था। इस दौरान इन आतंकियों ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद 3 हमलावरों को ढेर कर दिया गया था। मारे गए ये सभी आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के थे, जिन्होंने जम्मू से लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा के रास्ते घुसपैठ की थी।
जम्मू के रास्ते घुसपैठ के थे इनपुट
आतंकियों से ये घुसपैठ ऐसे वक्त में हुई है जबकि दो दिन पहले ही डीजीपी दिलबाग सिंह ने यह कहा था कि पाकिस्तानी आतंकी सीमा और एलओसी के रास्ते घुसपैठ की साजिश कर रहे हैं। डीजीपी ने कहा था कि पाकिस्तानी एजेंसियों ने यहां डीडीसी चुनाव में आतंकी हमलों को प्लान बनाया है, इसे देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। डीजीपी और खुफिया एजेंसियों के इनपुट्स इस बार सही निकले और नगरोटा में घुसपैठ के बाद श्रीनगर जा रहे आतंकियों को मार गिराया गया। बड़ी बात ये कि आतंकियों के इस बार फिर जम्मू के रास्ते घुसपैठ करने की बात सामने आ रही है।
तो क्या फिर हुआ खुफिया सुरंगों का इस्तेमाल?
जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकियों के गोलाबारी की आड़ में भारतीय इलाके में घुसने की आशंका जताई गई है। ऐसा शक भी है कि आतंकियों ने फिर एक बार सांबा या किसी अन्य इंटरनेशनल बॉर्डर के आसपास खुफिया सुरंगों के जरिए भारतीय इलाके में घुसपैठ की है। अतीत पर गौर करें तो इसी साल कुछ ऐसी आतंकी सुरंगों का पता चल चुका है, जिनके रास्ते यहां घुसपैठ कराई जाती रही है।
बीएसएफ और सेना ने अगस्त 2020 में ऐसी कई सुरंगों को सांबा से लगने वाली सीमा पर पकड़ा था, जिन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स और आईएसआई की शह पर बॉर्डर के इलाके में बनाया गया था।
कश्मीर में घुसपैठ के रास्ते बर्फबारी के बीच बंद
उत्तरी कश्मीर में बर्फबारी के कारण आतंकियों की घुसपैठ के वो रास्ते बंद होने लगे हैं, जिनसे जैश के फिदायीन दस्ते के आतंकी पू्र्व में घुसपैठ करते रहे हैं। आतंकी घुसपैठ के लिए जम्मू के सांबा और हीरानगर के इलाके संवेदनशील कहे जाते हैं, वहीं कश्मीर में कुपवाड़ा के नौगाम, केरन और तंगधार इलाकों से पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ करते रहे हैं।
ऐसी आशंका भी है कि चूंकि कश्मीर से लगने वाली एलओसी से सटे चारों जिलों में भारी बर्फबारी के कारण एवलॉन्च अलर्ट दिए जा चुके हैं, ऐसे में आतंकी इस रूट के जरिए घुसपैठ करने के बजाय जम्मू रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
-एजेंसियां

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