निर्भया कानून की तरह पाकिस्‍तानी संसद ने बनाया Zainab Alert Bill

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान की संसद ने बच्‍चों के साथ होने वाले दुर्व्‍यवहार के खिलाफ मासूम Zainab के नाम पर एक कानून Zainab Alert Bill बनाया है। पाकिस्‍तानी संसद ने इस कानून को पारित कर द‍िया है और अब राष्‍ट्रपति इस पर हस्‍ताक्षर करेंगे।

पाकिस्‍तान समेत पूरी दुनिया को हिला देने वाले जैनब मर्डर केस के करीब दो साल बाद पाकिस्‍तानी संसद ने बच्‍चों के साथ होने वाले दुर्व्‍यवहार के खिलाफ कानून पारित किया है। इस कानून को सात साल की मासूम जैनब अंसारी के नाम पर Zainab Alert, Response and Recovery Act 2019 नाम दिया गया है। वर्ष 2018 में जैनब के साथ रेप करके उनकी हत्‍या कर दी गई थी। पाकिस्‍तान का यह कानून कुछ उसी तरह से है जैसे भारत में निर्भया कानून बनाया गया था।

इस विधेयक के जरिए एक एजेंसी बनाई जाएगी जो और ज्‍यादा तेजी से बच्‍चों के लापता होने के मामले में कार्रवाई करेगी। इस विधेयक को पहले ही संसद के ऊपरी सदन से पारित कर दिया गया है। पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति की स्‍वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। सरकार के कानून बनाने के इस फैसले का देश के मानवाधिकार संगठनों ने स्‍वागत किया है। हालांकि अभी भी यह सवाल उठ रहा है कि इस कानून का असर कितना प्रभावी होगा।

कातिल को पकड़ने के लिए 1150 मर्दों की डीएनए जांच

जैनब बलात्कार केस में दोषी इमरान अली (24 साल) को वर्ष 2018 में फांसी दे दी गई थी। मामले पर पाकिस्तान ने सिर्फ 9 महीने में कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। दरिंदे अली ने एक नहीं बल्कि 9 लड़कियों को अपना शिकार बनाने की बात खुद कबूली थी। इनमें से एक 7 साल की जैनब भी थी। उसका शव 9 जनवरी को एक कूड़ेघर के पास से मिला था।

अली ने उस मासूम को उसकी आंटी के घर से उठा लिया और फिर रेप करने के बाद गला घोंट कर मार दिया था। जैनब का यह मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों में गुस्सा देखा जा सकता था। कातिल को पकड़ने के लिए 1150 मर्दों के डीएनए जांच की गई। डीएनए रिपोर्ट से रेप में अली के होने का पता लगा था। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक वर्ष 2015 से लेकर अब तक 20 हजार बच्‍चों का अपहरण किया गया है यानि पाकिस्‍तान में हर दिन 13 बच्‍चों का अपहरण होता है।

– एजेंसी

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