अमेरिका यात्रा के दौरान भारत के बढ़ते प्रभाव को देख पाकिस्‍तानी मीडिया ने इमरान सरकार को जमकर कोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान जो बाइडन के जोरदार स्‍वागत और क्‍वॉड देशों की बैठक से पाकिस्‍तानी मीडिया बुरी तरह से भड़क उठा है। पाकिस्‍तानी मीडिया ने इमरान खान के अमेरिका न जाने और भारत के बढ़ते प्रभाव पर पाकिस्‍तान की पीटीआई सरकार को जमकर सुनाया है। पाकिस्‍तानी विशेषज्ञों ने कहा कि इमरान खान का संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा को वर्चुअली संबोधित करना एक बड़ी कूटनीतिक असफलता है। हम भारत का मुकाबला तक नहीं कर पा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक किसी बड़े नेता ने इमरान खान को मिलने के लिए समय नहीं दिया था, इस वजह से उन्‍होंने बेइज्‍जती के डर से अमेरिका न जाना ही उचित समझा। पाकिस्‍तानी विशेषज्ञों ने कहा कि 20 महीने हो गए और चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने इमरान खान से मुलाकात तक नहीं की है और हम दावा करते हैं कि चीन हमारा दोस्‍त है। एक अन्‍य पाकिस्‍तानी विशेषज्ञ ने कहा कि इमरान खान को महासभा में जाना चाहिए था लेकिन हमने केवल अपने विदेश मंत्री को भेजा, जो किसी से नहीं मिला। वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाइडन, क्‍वॉड देशों के नेताओं और अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियों से मिल रहे हैं।
इंडियन लॉबी की पकड़ अभी आपने नहीं देखी है
उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान जो डोजियर भारत के खिलाफ पेश कर रहा है, उससे कोई फायदा नहीं होने वाला है। हम कह रहे हैं कि पाकिस्‍तान रूस तथा चीन के ब्‍लॉक में जा रहा है लेकिन चीनी राष्‍ट्रपति से बात हुए 20 महीने हो गए हैं। वॉशिंगटन में रहने वाले पाकिस्‍तानी विशेषज्ञ मुजम्मिल ने कहा क‍ि आज अमेरिका में भारत का प्रभाव बहुत ज्‍यादा बढ़ गया है। इंडियन लॉबी की पकड़ अभी आपने नहीं देखी है।
मुजम्मिल ने कहा कि अमेरिका कई बड़ी कंपनियों के सीईओ, जज, सांसद भारतीय मूल के बन चुके हैं। यही नहीं, व्हाइट हाउस में भारतीय मूल के बहुत ज्‍यादा लोग आ चुके हैं। वहीं मुस्लिम देश भी भारतीय पीएम को अपना सर्वोच्‍च पुरस्‍कार दे चुके हैं। एक अन्‍य विशेषज्ञ ने कहा क‍ि इमरान खान ने विदेशी मीडिया को इंटरव्‍यू दिया है, लेकिन वह ठीक नहीं गया है। उसका कोई फायदा नहीं हुआ।
मोदी 65 घंटे अमेरिका में रहे और 20 बैठकों में शामिल हुए
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा में लगातार कई बैठकें कीं। सरकारी सूत्रों ने रविवार को बताया कि मोदी करीब 65 घंटे अमेरिका में रहे और इस दौरान वह 20 बैठकों में शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका जाते वक्त और वहां से लौटते वक्त भी प्रधानमंत्री ने विमान में अधिकारियों के साथ चार लंबी बैठकें कीं। सूत्रों ने बताया कि बुधवार को अमेरिका जाते वक्त मोदी ने विमान में दो बैठकें की और वहां पहुंचने के बाद होटल में तीन बैठकें कीं।
उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को प्रधानमंत्री ने विभिन्न सीईओ के साथ पांच बैठकें कीं और फिर अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात की। उन्होंने अपने जापानी समकक्ष योशिहिदे सुगा और ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री ने तीन आंतरिक बैठकों की भी अध्यक्षता की। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अगले दिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की और फिर क्वाड के शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। 24 सितंबर को उन्होंने चार आंतरिक बैठकें भी कीं।
-एजेंसियां

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