अमेरिका में इमरान को तवज्‍जो न मिलने से झुंझलाए पाक मंत्री

मुजफ्फराबाद। अपने विवादित और हास्यास्पद बयानों के कारण दुनिया भर में पाकिस्तान की फजीहत कराने वाले वहां के रेल मंत्री ने एक बार फिर बेहद बेतुका बयान दिया है। दरअसल, पाक मंत्री अमेरिका में मोदी के भव्य स्वागत और पाक पीएम इमरान खान को तवज्जो न मिलने से झल्ला गए हैं। कश्मीर के मामले में अमेरिका को भारत के साथ आते देख पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद ने कहा, ‘कश्मीर के मामले में अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।’ रशीद ने इस मामले में चीन को एक मात्र करीबी दोस्त बताया।
पाक मंत्री की मरने-मारने की धमकी
शेख राशीद ने कहा, ‘कश्मीर के मामले में अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता। एक चीन है, जिसकी दोस्ती पर विश्वास किया जा सकता है।’ उन्होंने कश्मीर को लेकर बेहद भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि कश्मीर की लड़ाई लड़ी जाएगी, चाहे इसमें मर जाया जाए या फिर मार डाला जाए। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के भिंभर में रैली के दौरान रशीद ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, ‘कश्मीर के लिए पूरी (पाकिस्तानी) कौम जाग गई है। मरेंगे या मारकर रहेंगे।’ शेख रशीद ने अन्य पाकिस्तानी नेताओं की तरह कश्मीर को लेकर ऐसे आरोप लगाए जो वास्तविकता से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि भारत में कश्मीरी नेतृत्व जेल में है। वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कट्टरपंथी बताते हुए उन्होंने कहा कि मोदी का एजेंडा पाकिस्तान को खत्म करना है।
किया था आधा पाव के बम का जिक्र
कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के भारत के फैसले से बौखलाए पाकिस्तान के तमाम नेताओं में से एक शेख रशीद ने युद्ध के उन्माद में कुछ दिन पहले यहां तक ‘भविष्यवाणी’ कर दी थी कि अक्टूबर-नवंबर में भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण युद्ध होना तय है। एक अन्य बयान में उन्होंने भारत को ‘चेतावनी’ देते हुए यह भी दावा किया था कि पाकिस्तान के पास बड़े ही नहीं, पाव-आधा पाव तक के एटमी हथियार भी हैं, जो किसी खास इलाके को लक्ष्य बनाने की क्षमता रखते हैं।
पाक मंत्री को तब लगा था झटका
कुछ समय पहले पाक रेल मंत्री को एक रैली में उस समय जोरदार झटका लगा था, जब वह भारत और पीएम मोदी के खिलाफ आग उगल रहे थे। दरअसल, रशीद के भाषण के दौरान माइक में अचानक करंट आ गया। झटका लगने से माइक उनके हाथ से छूट गया। पाक मंत्री ने इसका आरोप भी भारत सरकार पर लगा दिया।
-एजेंसियां

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