FATF से निकलने के लिए अफगानिस्‍तान को लश्‍कर का ठिकाना बना रहा है पाक

काबुल। अफगानिस्‍तान सरकार ने भारत को चेताया है कि पाकिस्‍तानी आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा अपना ठिकाना पाकिस्‍तान से हटाकर अफगानिस्‍तान में बना रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब तालिबान ने अफगानिस्‍तान के आधे से ज्‍यादा इलाकों पर कब्‍जा कर लिया है। अब यह डर सताने लगा है कि कहीं अफगानिस्‍तान के उन इलाकों में आतंकी पैर जमा सकते हैं जहां पर सरकार का शासन नहीं है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक अफगान अधिकारियों ने भारत को इस बारे में सूचना दी है। इसमें खासतौर पर लश्‍कर और जैश-ए-मोहम्‍मद के बारे में जिक्र किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्‍तान सभी अंतर्राष्‍ट्रीय आतंकियों के गुटों को उत्‍तरी और दक्षिणी वजीरिस्‍तान से अपनी सरजमीं से हटाना चाहता है और उन्‍हें अफगानिस्‍तान भेजना चाहता है। पाकिस्‍तान की कोशिश है कि ऐसा करके वह एफएटीएफ के ग्रे लिस्‍ट से निकल जाए।
तालिबान के आतंकी संगठनों लश्‍कर, जैश के साथ ‘गहरे संबंध’
इसी महीने ही अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने खुलेआम पाकिस्‍तान की आलोचना की थी और कहा था कि पिछले महीने ही 10 हजार जिहादी पाकिस्‍तान से अफगानिस्‍तान में प्रवेश किए हैं। उन्‍होंने यह बयान पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने उज्‍बेकिस्‍तान में दिया था। यही नहीं एक अन्‍य बयान में गनी ने कहा कि तालिबान के आतंकी संगठनों लश्‍कर, जैश और अलकायदा के साथ ‘गहरे संबंध’ हैं।
गनी ने कहा कि तालिबान अफगानिस्‍तान को आतंकियों के लिए ‘स्‍वर्ग’ बनाना चाह रहा है। उन्‍होंने कहा कि अफगान सरकार इसे होने नहीं देगी। गनी ने वादा किया कि वह अफगान स्‍पेशल अभियान बल को हर जरूरी सहायता मुहैया कराते रहेंगे। अब यह भी खुलासा हुआ है कि अफगानिस्‍तान में मारे गए कई आतंकियों के पास से पाकिस्‍तानी आईडी कार्ड मिले हैं। यही नहीं, तालिबानी आतंकियों का पाकिस्‍तान के अस्‍पतालों में इलाज चल रहा है।
ताल‍िबान ने सरकार की 260 इमारतों को नष्‍ट कर दिया
अफगान राष्‍ट्रपति ने पिछले दिनों यह भी कहा था कि तालिबान की शांति की कोई इच्‍छा नहीं है। सरकार अब आगे चलकर तालिबान की इसी इच्‍छा के मुताबिक फैसला करेगी। उन्‍होंने कहा था, ‘तालिबान ने कई चीजों को साबित कर दिया है। तालिबान के अंदर शांति की कोई इच्‍छा नहीं है। उन्‍होंने कहा कि ताल‍िबान ने सरकार की 260 इमारतों को नष्‍ट कर दिया है। अगर वे अफगान हैं तो उन्‍हें जनता के घरों को नष्‍ट करने से परहेज करना चाहिए। घनी ने कहा कि हमने 5 हजार तालिबान कैदियों को रिहा किया लेकिन वे अब भी शांति नहीं चाहते हैं।
-एजेंसियां

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