डॉ. महेश वर्मा ने KD डेंटल कॉलेज के छात्रों का बढ़ाया हौसला

मथुरा। गुरुवार का दिन KD डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के नवागंतुक मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी MDS के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष रहा। गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के कुलपति पद्मश्री डॉ. महेश वर्मा ने KD डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं के नए बैच का स्वागत करते हुए उन्हें दुनिया में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आए बदलाव और उसके महत्व से रूबरू कराया।

ऑनलाइन हुए ओरिएंटेशन प्रोग्राम में प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने छात्र-छात्राओं को KD डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल की उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्या की आराध्य देवी सरस्वती वंदना से हुआ।

पद्मश्री डॉ. महेश वर्मा ने नए स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद एमडीएस सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने नवागंतुक विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक KDDC के लिए चयनित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी की पढ़ाई के लिए यह कॉलेज सबसे अच्छा है क्योंकि वे डॉ. मनेष लाहोरी जैसी शख्सियत के नेतृत्व में न केवल पठन-पाठन करेंगे बल्कि अपने लक्ष्य को भी हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञान, अनुशासन, कर्म और प्रतिबद्धता ही केडीडीसी का सही अर्थ है।

डॉ. वर्मा ने इस संस्थान को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए आर. के. एजुकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। डॉ. वर्मा की जहां तक बात है इन्हें दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिये पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया जा चुका है। ओरिएंटेशन प्रोग्राम में प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने KD डेंटल कॉलेज की उपलब्धियां और विशेषताएं बताने के साथ नए एमडीएस छात्र-छात्राओं को संस्थान में प्रवेश के लिए बधाई दी।

डॉ. लाहौरी ने छात्र-छात्राओं को कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी देने के साथ कर्मचारियों का भी संक्षिप्त परिचय दिया।  इस अवसर पर डॉ. गोपा कुमार, डॉ. रितु खंडूजा, डॉ. रोहित पाउल, डॉ. उमेश, डॉ. कुलदीप डिमेलो, डॉ. जीतेन्द्र, डॉ. नवप्रीत, डॉ. अजय नागपाल और प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया ने छात्र-छात्राओं को अपना परिचय दिया। धन्यवाद एवं आभार उप-प्राचार्य डॉ. शिशिर मोहन ने माना।

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