ओवैसी और मायावती ने कहा, हिंसा का समर्थन नहीं लेकिन विरोध जायज

हैदराबाद। नागरिकता कानून को लेकर देशभर में मचे घमासान के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शांति की अपील की है। ओवैसी ने पार्टी की एक बैठक में कहा, हमें इसका विरोध करना है लेकिन पुलिस की अनुमति लेकर और शांति से।
उधर, यूपी में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी कहा है कि वह इस कानून के विरोध में हैं लेकिन उनकी पार्टी इसके खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करती।
हैदराबाद में नागरिकता कानून को लेकर पार्टी की बुलाई गई बैठक में ओवैसी ने कहा, ‘हमें इस कृत्य का पुरजोर विरोध करना है पर पुलिस की अनुमति लेकर और शांति से करेंगे। आप जानते हैं कि लखनऊ, दिल्ली और मंगलुरु में पुलिस की बर्बरता और हिंसा हुई। इसमें दो मुसलमानों की मौत हो गई। अगर हिंसा होती है तो हम इसकी निंदा करेंगे और इससे खुद को अलग कर लेंगे।’
उधर, यूपी में मायावती ने भी इस मामले में हिंसा ना फैलाने की अपील करते हुए कहा, ‘हमने शुरू से ही इसका विरोध किया है। हम अब भी इसके विरोध में खड़े हैं लेकिन अन्य पार्टियों की तरह हम सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने या किसी भी तरह की हिंसा में विश्वास नहीं करते हैं।’
लखनऊ में 31 लोग गिरफ्तार
बता दें कि गुरुवार को यूपी के कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए। लखनऊ में हिंसक प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत भी गई। राजधानी में 16 पुलिसकर्मी समेत 30 लोग घायल हुए थे। इसके बाद 102 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यूपी में 3000 लोग हिरासत में
पूरे यूपी में कुल 3000 लोग हिरासत में लिए गए हैं। अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस ने हिरासत में रखा है। संभल में एसपी सांसद शफीकुर्रहमान बर्क पर केस दर्ज किया गया है। सीएम योगी ने साफ किया है कि उपद्रवियों की संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई की जाएगी।
-एजेंसियां

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