हमारे कप्तान ने ठान लिया था कि दिमाग़ का इस्तेमाल नहीं करना है: शोएब अख़्तर

वर्ल्ड कप 2019 में रविवार को भारत से एक बार फिर हारने के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर अपने मुल्क में निशाने पर हैं लेकिन सबसे ज़्यादा आलोचना शोएब मलिक यानी भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा के पति की हो रही है.
पाकिस्तान में ट्विटर पर तो शोएब मलिक ट्रेंड कर रहे हैं. कोई उन्हें भारतीय कह रहा है तो कोई मज़ाक में कह रहा है कि भारत के ख़िलाफ़ शोएब मलिक 200 रनों से डबल सेंचुरी से चूक गए.
ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें सानिया मिर्ज़ा भी साथ में हैं. इस वीडियो में टेबल पर बोतलें दिख रही हैं और एक व्यक्ति स्मोक कर रहा है. ग़ुस्से में पाकिस्तानी प्रशंसक लिख रहे हैं कि भारत से मैच के पहले कड़ी मेहनत करते शोयब मलिक.
दसरअसल, हार्दिक पंड्या ने शोएब मलिक को बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया था. इससे पहले भी वो दो मैचों में नाकाम रहे थे.
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शोएब मलिक के बारे में कहा जा रहा है कि यह उनके करियर का आख़िरी अंतर्राष्ट्रीय मैच था.
आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में शोएब मलिक तीन मैच खेले हैं और तीनों में इनका प्रदर्शन रहा बदतर रहा. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 8, ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 0 और भारत के ख़िलाफ़ 0.
हालांकि शोएब मलिक पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वो वर्ल्ड कप के बाद वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैचों से संन्यास ले लेंगे. पिछले 30 वनडे मैचों में शोएब मलिक ने महज़ तीन अर्धशतक बनाए हैं. 2018 की शुरुआत से अब तक शोएब मलिक ने 25.33 के औसत से 608 रन बनाए हैं. इससे साफ़ पता चलता है कि शोएब टीम को कुछ दे नहीं पा रहे हैं.
पाकिस्तान के खेल पत्रकारों का कहना है कि शोएब मलिक चाहते थे कि वो अपने करियर का आख़िर वर्ल्ड कप खेलें लेकिन वो टीम के लिए बोझ बन गए हैं. आने वाले मैचों में शोएब मलिक की जगह आसिफ़ अली ले सकते हैं.
कुल 287 वनडे में शोएब मलिक ने 7534 रन बनाए हैं. शोएब ऑलराउंडर क्रिकेटर रहे हैं इसलिए टीम में उन्हें जगह मिलती रही है. मलिक उन दो खिलाड़ियों में से एक हैं जो 1990 के दशक से क्रिकेट खेल रहे हैं और अब तक सक्रिय हैं. दूसरे खिलाड़ी क्रिस गेल हैं.
पिछले साल जून महीने में मलिक ने वर्ल्ड कप के बाद रिटायरमेंट की घोषणा की थी. 2015 में मलिक टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हुए थे और शारजाह में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 245 रन इनकी सबसे बेहतरीन पारी थी.
भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के प्रर्दशन की पाकिस्तानी ही जमकर खिल्ली उड़ा रहे हैं. पाकिस्तानी पत्रकार रेहान-उल-हक़ ने ट्विटर पर लिखा है, ”कोहली ने वनडे में 41 शतक मारे हैं जबकि पूरी पाकिस्‍तान टीम के 41 शतक हैं. दोनों टीमों में इस मिसाल से ही फ़र्क़ समझ सकते हैं. मैं जानता हूं कि पाकिस्तानियों के लिए यह मुश्किल है लेकिन इसे स्वीकार करना चाहिए कि भारत की टीम सुपर है.”
रविवार को पाकिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ टॉस जीता था लेकिन पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया था. पाकिस्तानी कप्तान सरफ़राज़ अहमद के इस फ़ैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं.
पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने ट्विटर पर लिखा है कि सरफ़राज़ ने वही ग़लती की है जो विराट कोहली ने चैंपियन्स ट्रॉफ़ी 2017 में की थी.
शोएब अख़्तर का कहना है कि चैंपियंस ट्रॉफी में जो ग़लतियां भारत ने की थी वही पाकिस्तान ने इस मैच में की है. अख़्तर ने कहा, ”इतना ब्रेनलेस कप्तान कोई कैसे हो सकता है. सरफ़राज़ को इतना भी नहीं पता है कि उसकी टीम की बैटिंग मज़बूती नहीं है. पाकिस्तान की मज़बूती गेंदबाज़ी हैं. पूरी टीम ब्रेनलेस है, मैनेजमेंट भी वैसा ही है. गेंदबाज़ी भी बिल्कुल मिसगाइडेड. हमारी हिस्ट्री चेजिंग की नहीं है. ये बात कप्तान को क्यों पता नहीं है?”
शोएब अख़्तर ने कहा, ”मेरे कप्तान फ़ैसला कर लिया था कि दिमाग़ का इस्तेमाल नहीं करना है. बाबर आज़म कहता है कि विराट कोहली का वो प्रशंसक है लेकिन उससे सीखता कुछ भी नहीं है. इमाम के पास कोई टेक्निक है ही नहीं. वो जिस तरह से आउट हुआ वो तो शर्मनाक है. पाकिस्तान की टीम किस माइंडसेट के साथ खेलती है वो समझ से बाहर है. मुझे बहुत अफ़ोसस है. हमारी मैनेजमेंट के सामने कप्तान मामू बना हुआ है. इमरान ख़ान ने ट्वीट तो कर दिए लेकिन उन्हें सोचना चाहिए कि ट्वीट उनके लिए करें जिनमें क्षमता हो.”
शोएब अख़्तर ने शोएब मलिक पर कहा कि उन्हें टीम में अनुभव के आधार पर रखा गया लेकिन बिन प्रदर्शन के अनुभव का क्या ख़ाक मतलब है. अख़्तर ने कहना है कि मलिक को अनुभव के आधार पर रखना बकवास है.
वहीं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने पाकिस्तान की हार पर कहा है, ”पिछले कई सालों में भारत ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बहुत कुछ निवेश किया है. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान ने शायद ही कुछ किया है. भारत हर साल अपना क्रिकेट बदल रहा है जबकि पाकिस्तान का फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट कुछ गिने-चुने पत्रकारों से चलाया जा रहा है.”
इस हार के साथ ही पाकिस्तान में क्रिकेट के भविष्य को लेकर बहस तेज़ हो गई है. कहा जा रहा है कि अगर पाकिस्तान ने अपने फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट को दुरुस्त नहीं किया तो आने वाले वक़्त में पाकिस्तान का घरेलू क्रिकेट भी ख़त्म हो जाएगा.
-BBC

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