फारुक अब्दुल्ला पर लगा पीएसए हटाने के आदेश, उमर रहेंगे नज़रबंद रहेंगे

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव (योजना) रोहित कंसल ने जानकारी दी है कि सरकार ने फारुक अब्दुल्ला के ऊपर से पीएसए कानून के प्रतिबंध हटाने के आदेश जारी किए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रिहा किया गया है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पीएसए कानून के तहत हिरासत में लिए गए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला को इससे से आजादी मिल गई है। हालांकि उनके पुत्र उमर अब्‍दुल्‍ला अब भी अपने नजरबंद रहेंगे। यह किस अवधि तक के लिए होगा इसकी जानकारी अब तक नहीं मिली है।

केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश प्रशासन ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. फारूक अब्दुल्ला के पीएसए को समाप्त कर दिया है। संभावना है क‍ि सोमवार से डाॅ. अब्दुल्ला संसद की कार्यवाही में भी भाग लेंगे। करीब पांच दिन पहले राकंपा अध्यक्ष शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्षा ममता बनर्जी, माकपा प्रमुख सीता राम येचुरी समेत विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृृहमंत्री को एक संयुक्त पत्र लिखकर जम्मू कश्मीर के तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत सभी प्रमुख राजनीतिक नेताओं की रिहाई का आग्रह किया था।

डॉ. अब्दुल्ला 15 सितंबर 2019 से पब्लिक सेफ्टी कानून (पीएसए) के तहत नजरबंद थे। बता दें कि 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था। यहां से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से प्रदेश के कई बड़े नेता जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला भी शामिल हैं को नजरबंद रखा गया है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में लिखा है कि फारुक अब्दुल्ला पर पीएसए एक्ट तीन महीनों के लिए यानी दिसंबर तक लगा था। इसे बाद में तीन महीने और बढ़ा दिया गया। अब मार्च में वह अवधि पूरी हो रही है ऐसे में फारुक अब्दुल्ला जल्द रिहा होंगे।

– एजेंसी

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