बालाकोट एयर स्‍ट्राइक का एक साल: वायुसेना प्रमुख ने सबसे महत्वपूर्ण अभियान बताया

नई दिल्‍ली। बालाकोट एयर स्‍ट्राइक को आज एक साल हो चुका है। पुलवामा हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक ने पड़ोसी देश को चौंका दिया था।
इस स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था और कई आतंकियों को ढेर कर दिया गया था।
वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने इस हमले को पाकिस्तान को सख्त संदेश बताते हुए इस मसले पर विस्तृत बात की।
सवाल- भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर क्या हासिल किया क्योंकि आतंकी संगठन जैश का ठिकाना फिर से शुरू हो गया है और पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद को मदद देना बंद नहीं किया है?
जवाब- बालाकोट एयर स्ट्राइक ने पाकिस्तान को यह साफ-साफ संदेश था कि उसकी जमीन से आतंकी गतिविधियों को भारत अब बर्दाश्त नहीं करेगा। वायुसेना ने 40 साल में अपना सबसे महत्वपूर्ण अभियान को अंजाम दिया। हमारे लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के अंदर जाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और पाकिस्तान एयर डिफेंस के अलर्ट के बाद भी बिना किसी नुकसान के वापस भारत आ गए। इस स्ट्राइक से भारत ने पाकिस्तान को ठोस संदेश दिया कि अगर पड़ोसी देश आगे कोई ऐसी हरकत करेगा तो उसका अंजाम क्या हो सकता है। जहां तक बालाकोट में फिर से आतंकी ठिकानों के शुरू होने की बात है, तो हम उनकी हरकतों पर नजर रखे हुए हैं और पाकिस्तान को जवाब देने के लिए रणनीति तैयार है।
सवाल- एयर स्ट्राइक से किस तरह की सीख मिली। इस तरह के विरोधाभासी बयान हैं कि स्पाइस-2000 बमों ने ठीक निशाना लगाया या नहीं। इसके अलावा हताहतों की संख्या पर भी सवाल हैं?
जवाब- सबसे पहली और अहम बात यह कि बालाकोट स्ट्राइक को योजनागत और प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दिया गया। जैसे ही हमें टारगेट दिया गया, हमने उसे निशाना बनाने के लिए हथियार चुना। हमने यह भी ध्यान रखा का कि हमारा कम से कम नुकसान हो। स्पाइस-2000 ने आतंकियों के इमारतों को ध्वस्त कर दिया। इसमें कोई शक नहीं कि हमने अपने टारगेट को निशाना बनाया और लक्ष्य हासिल किया। हमारे विरोधी को इसका ठीक से पता है।
सवाल- अगले ही दिन पाकिस्तान के काउंटर एयर स्ट्राइक ने चौंकाया था?
जवाब- हम जरा सा भी नहीं चौंके। वायुसेना ने विरोधी के 30 लड़ाकू विमानों से हमला करने की कोशिश को करारा जवाब दिया। उत्तरी सेक्टर के सभी एयरबेस एक्टिव थे। हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के विमानों की टोह लेने के लिए हवा में थे। वे एक भी टारगेट को निशाना बनाने में कामयाब नहीं हो पाए।
सवाल- इस बात को लेकर भी विरोधाभासी बयान हैं कि क्या विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने वास्तव में मिग-21 से पाकिस्तान के F-16 विमान को मार गिराया था?
जवाब- वायुसेना ने इस बारे में पुख्ता सबूत पेश किए। हमारे विमानों ने पाकिस्तानी वायुसेना को विमानों को पीछे लौटने पर मजबूर किया। दुश्मन खेमे के विमान से लड़ाई के दौरान अभिनंदन ने पाकिस्तानी वायुसेना के विमान का पीछा किया और उसे टारगेट बनाकर मिसाइल फायर किया। इलेक्ट्रानिक सिग्नेचर और रेडार पिक्चर से पता चलता है कि यह एक F-16 विमान था। पैराशूट से कूदते एक शख्स का विडियो और पाकिस्तान के DG ISPR ने शुरुआती बयान में बताया कि दूसरे पायलट को पकड़ा गया है। इससे साफ पता चलता है कि सीमा के दूसरी तरफ एक और विमान मार गिराया गया था।
सवाल- एंटी जैमिंग तकनीक और सिक्योर डेटा लिंक मौजूद नहीं होने से उस दिन वायुसेना के लड़ाकू विमानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, इस पर क्या कहेंगे?
जवाब- हालांकि, सिक्योर डेटा लिंक उस समय नहीं था। जब जैमिंग की मुद्दा सामने आया तो हमने उसका समाधान निकाला।
सवाल- 27 फरवरी को श्रीनगर के नजदीक अपने फोर्स द्वारा ही Mi-17 हेलिकॉप्टर को मार गिराने की घटना हुई। इसमें वायुसेना के 6 जवान और एक नागरिक मारा गया?
जवाब- यह घटना बेहद दुखदाई गलती थी। हमने इससे सबक सीखा है। हमने इस घटना का विश्लेषण किया और जरूरी कदम उठाए हैं ताकि आगे फिर से ऐसी कोई घटना नहीं हो पाए।
-एजेंसियां

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