फ्यूचर-रिलायंस डील को एक बार फिर झटका, याचिका खारिज

फ्यूचर-रिलायंस डील को एक बार फिर झटका लगा है। सिंगापुर के आर्बिट्रेशन पैनल ने फ्यूचर रिटेल की याचिका को खारिज कर दिया है। आर्बिट्रेशन कोर्ट ने पिछले साल अपने आदेश में फ्यूचर और रिलायंस के बीच हुई 3.4 अरब डॉलर की डील को रोक दिया था। फ्यूचर ने इस ऑर्डर को खत्म करने की मांग की थी। अमेरिका की दिग्गज कंपनी Amazon इस डील का विरोध कर रही है।
फ्यूचर ने अपना रिटेल कारोबार रिलायंस को बेचने के लिए पिछले साल एक डील की थी लेकिन दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रईस जेफ बेजोस (Jeff Bezos) की अगुवाई वाली कंपनी Amazon लगातार इसका विरोध कर रही है। हालांकि फ्यूचर का कहना है कि इस डील में कुछ भी गलत नहीं है। सिंगापुर की अदालत ने अक्टूबर 2020 को अपने अंतरिम फैसले में इस डील को रोक दिया था। फ्यूचर ने इस रोक को हटाने के लिए अपील की थी।
फ्यूचर ने क्या कहा
लेकिन पैनल ने कंपनी उसकी अपील को खारिज कर दिया है। फ्यूचर ने शुक्रवार को घरेलू स्टॉक एक्सचेंजेज की यह जानकारी दी है। फ्यूचर ने कहा कि आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने अंतरिम आदेश को खत्म करने की उसकी अपील खारिज कर दी है। कंपनी कानूनी सलाह लेकर इस मामले में आगे काम करेगी। फ्यूचर ग्रुप ने अगस्त में फ्यूचर रीटेल सहित अपनी 5 लिस्टेड कंपनियों की फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड में विलय करने की घोषणा की थी। यह सौदा करीब 25000 करोड़ रुपये का है।
Amazon की फ्यूचर रीटेल में फ्यूचर कूपंस के जरिए 5 फीसदी हिस्सेदारी है। ऐमजॉन ने 2019 में फ्यूचर कूपंस में 49 फीसदी हिस्सेदारी 1500 करोड़ रुपये में खरीदी थी। Amazon ने फ्यूचर पर आरोप लगाया कि उसने उसकी सहमति के बिना अपना कारोबार रिलायंस को बेच दिया। Amazon की याचिका पर सिंगापुर इंटरनैशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) ने आदेश दिया था कि उसका अंतिम फैसला आने तक फ्यूचर ग्रुप के रीटेल कारोबार की रिलायंस को बिक्री की योजना आगे नहीं बढ़ाई जाए।
-एजेंसियां

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