‘पराक्रम दिवस’ पर प्रधानमंत्री ने कहा, सब का कर्तव्य है कि ‘नेताजी’ के योगदान को पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाए

कोलकाता। स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में हुए ‘पराक्रम दिवस’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चरणों में शीश झुकाता हूं, उन्हें नमन करता हूं। नमन करता हूं उस मां को जिन्होंने नेताजी को जन्म दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आज अगर नेताजी देखते कि उनका भारत इतनी बड़ी महामारी से इतनी ताकत के साथ लड़ा है। आज उनका भारत वैक्सीन जैसे आधुनिक वैज्ञानिक समाधान खुद तैयार कर रहा है तो वो क्या सोचते, जब वो देखते कि भारत वैक्सीन देकर दुनिया के दूसरे देशों की मदद भी कर रहा है तो उनको कितना गर्व होता।
पीएम मोदी ने कहा कि आज कोलकाता में आना मेरे लिए बहुत भावुक करने वाला पल है। बचपन से जब भी ये नाम सुना- नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैं किसी भी स्थिति में रहा, ये नाम कान में पड़ते ही एक नई ऊर्जा से भर गया।
आजाद भारत के सपने को दी थी नई दिशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के ही दिन मां भारती की गोद में उस वीर सपूत ने जन्म लिया था, जिसने आज़ाद भारत के सपने को नई दिशा दी थी।
आज के ही दिन ग़ुलामी के अंधेरे में वो चेतना फूटी थी, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता के सामने खड़े होकर कहा था, मैं तुमसे आज़ादी मांगूंगा नहीं, छीन लूंगा।
अब से 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाएगा देश
पीएम मोदी ने कहा कि हम सब का कर्तव्य है कि नेताजी के योगदान को पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाए इसलिए देश ने तय किया है कि नेताजी की 125वीं जयंती के वर्ष को ऐतिहासिक अभूतपूर्व भव्य आयोजनों के साथ मनाएंगे। PM मोदी ने कि देश ने ये तय किया है कि अब हर साल हम नेताजी की जयंती (23 जनवरी) को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया करेंगे।
‘दिल पर हाथ रखे, नेताजी सुभाष को महसूस करे’
पीएम मोदी ने कहा कि आज हर भारतीय अपने दिल पर हाथ रखे, नेताजी सुभाष को महसूस करे, तो उसे फिर ये सवाल सुनाई देगा। क्या मेरा एक काम कर सकते हो? ये काम, ये काज, ये लक्ष्य आज भारत को आत्मनिर्भर बनाने का है। देश का जन-जन, देश का हर क्षेत्र, देश का हर व्यक्ति इससे जुड़ा है।
‘नेताजी से जुड़ी फाइलें भी हमारी ही सरकार ने सार्वजनिक कीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि 2018 में हमने अंडमान के द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप रखा। देश की भावना को समझते हुए, नेताजी से जुड़ी फाइलें भी हमारी ही सरकार ने सार्वजनिक कीं। ये हमारी ही सरकार का सौभाग्य रहा जो 26 जनवरी की परेड के दौरान INA Veterans परेड में शामिल हुए।
‘गरीबी, अशिक्षा, बीमारी के समाधान के लिए मिलकर जुटना होगा’
पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, गरीबी को, अशिक्षा को, बीमारी को, देश की सबसे बड़ी समस्याओं में गिनते थे। हमारी सबसे बड़ी समस्या गरीबी, अशिक्षा, बीमारी और वैज्ञानिक उत्पादन की कमी है। इन समस्याओं के समाधान के लिए समाज को मिलकर जुटना होगा, मिलकर प्रयास करना होगा।
‘सोनार बांग्ला को भी करना है आत्मनिर्भर भारत का नेतृत्व’
PM मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष, आत्मनिर्भर भारत के सपने के साथ ही सोनार बांग्ला की भी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। जो भूमिका नेताजी ने देश की आजादी में निभाई थी, वही भूमिका पश्चिम बंगाल को आत्मनिर्भर भारत में निभानी है। आत्मनिर्भर भारत का नेतृत्व आत्मनिर्भर बंगाल और सोनार बांग्ला को भी करना है।
सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर जारी किया डाक टिकट
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर स्मारक डाक टिकट जारी किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित प्रदर्शनी में पहुंचे। उनके साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे।
-एजेंसियां

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