ओमीक्रोन इफेक्‍ट: दिल्‍ली में क्रिसमस और नए साल के जश्‍न पर रोक

डीडीएमए के आदेश में ओमीक्रोन के खतरे को स्‍वीकार किया गया है। सभी जिलाधिकारियों को अपने अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में सर्वे करने के लिए कहा गया है। यानी वे उन सभी कॉलोनियों, मार्केट और स्‍लम्‍स का दौरा करेंगे जिनके सुपरस्‍प्रेडर बनने की आशंका है। इस काम में जिलों के डीसीपी उनके साथ समन्‍वय और सहयोग करेंगे। इन्‍हें सुपरस्‍प्रेडर बनने से रोकने के लिए तमाम एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारियों को आरडब्‍लूए के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने के न‍िर्देश दिए गए हैं। वे इन पदाधिकारियों से ओमीक्रोन के खतरे के बारे में अधिक जागरूकता फैलाने के लिए कहेंगे। कहा गया है कि मास्‍क के बगैर कार्यस्‍थलों और दुकानों में कोई एंट्री नहीं होनी चाहिए। सभी लोगों से कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर बनाए रखने की अपेक्षा की गई है।
सभी रेस्‍टोरेंट और बार में सीटिंग कैपिसिटी के 50 फीसदी तक लोगों की अनुमति होगी। शादी समारोह में 200 लोगों के आने तक की परमिशन होगी। किसी भी तरह के धार्मिक, राजनीतिक, मनोरंजन संबंधी जमावड़े पर रोक लगाई गई है।
नियमों के उल्‍लंघन पर बरती जा रही सख्‍ती
ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच अधिकारियों ने कोविड-19 अनुकूल व्यवहार का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में इस महीने की 18 तारीख तक करीब 68 हजार लोगों पर मास्क नहीं पहनने, सामाजिक दूरी का अनुपालन नहीं करने आदि नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया गया है। यह खुलासा आधिकारिक आंकड़ों में हुआ है। पिछले महीने दिल्ली सरकार की प्रवर्तन टीमों ने कोविड-19 अनुकूल व्यवहार का उल्लंघन करने पर 1,12,076 लोगों पर जुर्माना लगाया था जबकि पुलिस ने इसी दौरान मास्क नहीं पहनने पर 4,675 लोगों का चालान किया था।
-एजेंसियां

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