राजीव एकेडमी के शिविर में दिया स्वरोजगार पर बल

मथुरा। युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से गुरुवार को राजीव एकेडमी में लघु एवं कुटीर उद्योग मंत्रालय द्वारा उद्यमिता शिविर का आयोजन किया गया। ऑनलाइन शिविर में उद्योग मंत्रालय के अधिकारी, उद्यमी, पी.एच.डी. चैम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के पदाधिकारी तथा एमबीए के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। शिविर में उद्यमिता विकास की सम्भावनाओं तथा कुटीर उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं एवं वित्तीय सहयोग आदि पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला।

लघु एवं कुटीर उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के सहायक निदेशक सतीश कुमार ने कहा कि राजीव एकेडमी के एमबीए के जो छात्र-छात्राएं स्वरोजगार के माध्यम से अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं उन्हें मंत्रालय की योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। सतीश कुमार ने कहा कि ऐसे छात्र-छात्राओं को मंत्रालय की ओर से फण्ड उपलब्ध करवाकर उनकी आर्थिक मदद की जाएगी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे उद्यमिता शिवरों में भाग लेकर स्वरोजगार की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

शिविर की अध्यक्षता करते हुए पी.एच.डी. चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के रेजिडेट डायरेक्टर अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि मार्केट में जो चुनौतियां और सम्भावनाएं हैं, उनको पहचान कर स्वयं का उद्यम स्थापित करने वाले भविष्य में बड़ा लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।

एमएसएमई कानपुर के निदेशक एल.बी.एस. यादव ने कहा कि बाजार में कौन सी वस्तुओं की मांग अधिक है, इस सम्भावना की पकड़ करना ही सफल उद्यमी का पहला कार्य है। यह कार्य बिना किसी की नौकरी किए भी किया जा सकता है। उन्होंने ऐसे कई उद्यमियों के उदाहरण दिए जो छोटे स्तर पर स्वरोजगार स्थापित कर आज बुलन्दियों पर हैं।

सहायक निदेशक (एम.एस.एम.ई.) राजेश कुमार ने कहा कि उद्यम स्थापित करने के लिए नए-नए आइडिया लाएं। बाजार की परम्परागत नीति से हटकर नया उद्यम खड़ा करें। जब आप परम्परागत लीक से हटकर कुछ नया करेंगे तभी सफलता हासिल होगी। वैज्ञानिक डा. राहुल तनेजा ने कहा कि आप स्वयं रोजगार पाने के चक्कर में इधर-उधर न भटकें अपितु दूसरों को रोजगार देने वाले बनें। मार्केट को आपकी जरूरत है। एम.एस.एम.ई. के बौद्धिक सम्पदा जानकार ऋषि आर. टण्डन ने कहा कि छोटे शहरों में भी व्यापार की अपार सम्भावनाएं हैं। बस युवाओं को आगे बढ़ने की जरूरत है। छात्र-छात्राओं ने शिविर को प्रेरणास्पद बताया।

आर.के. एजूकेशन हब के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने शिविर में शामिल सभी पदाधिकारियों का आभार मानते हुए छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे जाब टेकर बनने की बजाय जाब प्रदाता बनें। डा. अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक स्थिति ही देश की रीढ़ है। आर्थिक विकास को गति युवा ही दे सकते हैं। राजीव एकेडमी द्वारा लगातार ऐसे प्रयास किए जाते रहेंगे ताकि छात्र-छात्राओं को स्वयं के सपने साकार करने के अधिकाधिक अवसर मिलते रहें।

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