ऑफिस ऑफ प्रॉफिटः AAP के 27 विधायकों की सदस्यता का मामला खारिज

नई दिल्‍ली। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल और पार्टी के 27 विधायकों को बड़ी राहत मिली है। बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग (EC) ने रोगी कल्याण समिति के मामले में AAP के 27 विधायकों की सदस्यता को लेकर मामले को खारिज कर दिया है। लॉ के छात्र विभोर आनंद ने चुनाव आयोग को इस मामले में शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि AAP के 27 विधायक रोगी कल्याण समिति में अध्यक्ष के पद पर होने के नाते लाभ के पद पर हैं। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब AAP के 27 विधायकों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है।
यह था आरोप
लॉ के छात्र आनंद विभोर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि रोगी कल्याण समिति में विधायक सदस्य के तौर पर तो हो सकता है, लेकिन अध्यक्ष के पद पर नहीं। बता दें कि 2 साल पहले इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद लगातार इस मामले में सुनवाई चल रही थी।
अधिवक्ता विभोर आनंद ने 22 जून 2016 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से शिकायत की थी कि AAP के 27 विधायक लाभ के पद पर हैं। इसे उन्होंने चुनाव आयोग को भी भेजा था।
शिकायत में कहा गया था कि AAP सरकार ने 27 विधायकों को दिल्ली के विभिन्न सरकारी अस्पतालों की रोगी कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया हुआ है जो लाभ का पद है। उन्होंने AAP के इन विधायकों की सदस्यता निरस्त किए जाने की मांग की थी।
एक AAP विधायक ने कहा था, चेयरमैन कैसे बने, नहीं मालूम
रोगी कल्याण समिति का चेयरमैन बनाए जाने के मामले में चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस पर तिमारपुर से AAP विधायक पंकज पुष्कर ने कहा था कि वह इस समिति का चेयरमैन कैसे बने, नहीं मालूम।
पुष्कर ने चुनाव आयोग को लिखे जवाब में कहा था कि उन्होंने कभी इसके लिए अपना नाम किसी को प्रेषित नहीं किया है। शपथपत्र के माध्यम से चुनाव आयोग को दिए जवाब में पंकज पुष्कर ने कहा था कि वह कभी भी दिल्ली सरकार के किसी लाभ के पद पर नहीं रहे हैं। इस मामले में संविधान की मूल भावना का पालन किया जाना चाहिए और कानून को अपना काम पूर्ण निष्पक्षता के साथ करना चाहिए।
-एजेंसियां

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