मजदूरों की सशर्त वापसी वाले ओडिशा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें हाई कोर्ट ने सरकार से सिर्फ उन्हीं मजदूरों को वापस लाने को कहा जो जांच में कोरोना नेगेटिव पाए जाएं।
हाई कोर्ट ने नवीन पटनायक सरकार से कहा था कि दूसरे प्रदेशों में फंसे ओडिशा के सिर्फ उन्हीं मजदूरों को वापस लाया जाए जो कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हों।
हाई कोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई जिसके बाद सर्वोच्च अदालत ने उच्च न्यायलय के इस आदेश पर रोक लगा दी।
ओडिशा हाई कोर्ट में नारायण चंद्र जेना नाम के एक व्यक्ति ने पीआईएल दायर की थी। पीआईएल में मांग की गई थी कि कोविड-19 के मामलों को देखते हुए राज्य में सिर्फ कोरोना निगेटिव को ही प्रवेश दिया जाए। हाई कोर्ट ने इस मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। हाई कोर्ट ने कहा, ‘राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि जो भी प्रवासी ओडिशा आना चाहते हैं, उन्हें यहां लाने से पहले उनकी कोरोना वायरस की जांच कराएं और जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें यहां लाया जाए।’
ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अब राज्य में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 246 हो गई है। भद्रक जिले में एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। वहीं, हाल ही में सूरत से लौटे 26 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नए मामलों में से 19 गंजम से, पांच केंद्रपाड़ा और दो भद्रक जिलों से सामने आए। अधिकारी ने बताया, ‘ये लोग सूरत से आए थे और पृथक केंद्रों में रह रहे थे। इनमें बीमारी के लक्षण दिखाई दिए थे।’
-एजेंसियां

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