अब बहुउद्देशीय ID कार्ड पर विचार, जनगणना के लिए मोबाइल ऐप

नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज सभी नागरिकों के लिए एक बहुउद्देश्यीय पहचान पत्र (मल्टिपरपज ID कार्ड) का विचार रखा जिसमें आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक खाते जैसी सभी सुविधाएं जुड़ी हों। शाह ने यह भी कहा कि जनगणना 2021 के आंकड़े मोबाइल ऐप के जरिए जुटाए जाएंगे।
पहली डिजिटल जनगणना
अमित शाह ने बताया कि देश के पहले डिजिटल सेंसस पर कुल 12 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बता दें कि 2021 की जनगणना देश की 16वीं जनगणना होगी। वहीं स्वतंत्रता दिवस के बाद की यह 8वीं जनगणना होगी। 160 साल के जनगणना के इतिहास में पहली बार ऐप से डेटा जुटाया जाएगा, इसके लिए डोर-टु-डोर जाने वाले लोगों को उनका ही फोन इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
बता दें कि मार्च में सरकार ने बताया था कि देश की जनगणना इस बार दो चरणों में होगी। सेंसस 2021 का प्री-टेस्ट 12 अगस्त 2019 को शुरू हुआ था जो इस महीने के आखिर में खत्म होगा। शाह ने अपने भाषण में बताया कि जनगणना के काम में कुल 33 लाख लोगों की मदद ली जाएगी, जो घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। डेटा कुल 16 भाषाओं में भरा जाएगा, जिससे लोगों को सही जानकारी देने में आसानी होगी।
शाह ने कहा, ‘जनगणना एक बोरिंग काम नहीं है। इसकी मदद से सरकार लोगों तक अपनी योजनाएं पहुंचा पाती है। नेशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर (NPR) की मदद से सरकार को देश की समस्याएं हल करने में मदद मिलती है।’
मल्टिपरपज ID कार्ड पर क्या कहा
गृह मंत्री ने कहा कि इस तरह की प्रणाली भी होनी चाहिए जिसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु होते ही यह जानकारी जनसंख्या आंकड़े में अपडेट हो जाए। उन्होंने कहा, ‘आधार, पासपोर्ट, बैंक खाते, ड्राइविंग लाइसेंस, और वोटर कार्ड जैसी सभी सुविधाओं के लिए एक ही कार्ड हो सकता है। इसकी संभावनाएं हैं।’
-एजेंसियां

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