अब राष्ट्रीय लोक दल बोला, उपचुनाव में हम भी अकेले लड़ेंगे

मेरठ। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन में पड़ी दरार के बीच गठबंधन का तीसरा हिस्सा रहा राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) भी गठबंधन से अलग हो गया है।
एसपी-बीएसपी के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़े आरएलडी ने कहा कि अब आने वाले विधानसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी भी अलग चुनाव लड़ेगी।
आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष मसूद अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय लोक दल एक राजनीतिक दल है और हम उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव में मैदान में उतरेंगे। हालांकि प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी। जहां तक प्रत्याशियों के चयन की बात है तो यह फैसला हमारे राष्ट्रीय नेता चौधरी अजित सिंह और जयंत चौधरी करेंगे।
राज्य के नए राजनीतिक हालात में आरएलडी की भूमिका के बारे में पूछने पर अहमद ने कहा कि पार्टी, समाजवादी पार्टी के साथ रहा है और हमें अखिलेश यादव के कोटे से सीटें मिली थीं। उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा है कि गठबंधन एकजुट रहे और मजबूत रहे। वस्तुतः कांग्रेस को भी गठबंधन का हिस्सा होना चाहिए था।
एक सवाल के जवाब में अहमद ने कहा कि नफा नुकसान के बारे में विश्लेषण बाद में किया जाएगा । हमारी इच्छा है कि गठबंधन अपना कुनबा बढ़ाए ताकि हम बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत ताकत बनकर उभर सकें। इस सवाल पर कि रालोद कौन-कौन सी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा, अहमद ने फैसला पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक के दौरान इस मामले पर चर्चा होगी।
आरएलडी के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपनी उपस्थिति महसूस कराने का मौका मिलेगा। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में आरएलडी तीन सीटों पर लड़ी थी लेकिन उसके प्रत्याशी किसी भी सीट पर विजयी नहीं हुए।
आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह मुजफ्फरनगर से, उनके बेटे जयंत चौधरी बागपत से और कुंवर नरेंद्र सिंह मथुरा से चुनाव हार गए। उत्तर प्रदेश के 2017 विधानसभा चुनाव में आरएलडी ने 277 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसके 266 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
-एजेंसियां

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