अब चीन को भी ब्‍लैकमेल करके समर्थन चाहता है पाकिस्‍तान

पेइचिंग। भारत और पाकिस्तान के तनाव के बीच चीन का समर्थन बनाए रखने के लिए पाक ने चीन की सबसे बड़ी कमजोरी पर काम करना शुरू कर दिया है। यह जानकारी एक सूत्रों ने दी है। चीन कई कारणों से पूरी तरह पाकिस्तान की आर्मी पर निर्भर है, इनमें से एक महत्वपूर्ण कारण चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर के काम में लगे चीनी नागरिकों की सुरक्षा भी है। एक अंदाजा है कि पाकिस्तान में चीन के करीब 60 हजार लोग हैं।
चीन की सरकार को पाकिस्तान आर्मी का सपोर्ट इसलिए भी चाहिए ताकि वह यह सुनिश्चित कर सके कि तालिबानी आतंकी चीन के अशांत इलाके शिंजियांग में प्रवेश न कर सकें। शिंजियान के अलगाववादियों को पूर्व में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान आधारित आतंकियों की मदद मिलती रही है।
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की बातचीत के बाद चीन ने भी आतंकवाद के खिलाफ कार्यवाही की बात कही थी। ऐसे में माना जा रहा था कि संकट की इस घड़ी में पाकिस्तान को चीन का समर्थन नहीं मिला है इसलिए पाकिस्तान की पूरी कोशिश है कि चीन उसके साथ पूर्व की तरह ही खड़ा दिखे।
इसके अलावा 50 बिलियन डॉलर के सीपीईसी प्रोजेक्ट को पाकिस्तान मिलिट्री की मदद से पूरा किया जा रहा है। चीन के अति महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट बीआरआई के लिए सीपीईसी काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में चीन इस प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की बाधा नहीं चाहता है।
भारतीय विश्लेषकों का मानना है कि चीन भारत की तरक्की को टक्कर देने और भारत को दूसरे मोर्चों पर व्यस्त रखने के लिए भी पाकिस्तान का इस्तेमाल करता है। दुनिया भर के मुस्लिम देशों के साथ संबंध को बनाए रखने के लिए चीन, पाकिस्तान का इस्तेमाल करता है।
-एजेंसियां

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