पीलीभीत टाइगर रिजर्व पर अब नासा की नजर रहेगी

पीलीभीत। इस बार अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा के दो सैटेलाइट पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के फॉरेस्‍ट एरिया पर निगाह रखेंगे। हर साल गर्मियों के मौसम में जंगलों के अंदर भयानक आग लगती है। लेकिन अब आग की छोटी से छोटी घटना पकड़ में आते ही उसका अलर्ट टाइगर‍ रिजर्व के अधिकारियों को दे दिया जाएगा जिससे फौरन आग बुझाने में मदद मिलेगी।
देहरादून स्थित फॉरेस्‍ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई) के संयुक्‍त निदेशक सुशांत शर्मा ने बताया, ‘अमेरिका के ये सैटेलाइट भारत भर के जंगलों में आग से जुड़े आंकड़े भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान की शीर्ष संस्‍था इंडियन स्‍पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) को भेजेंगे। इसरो से यह जानकारी एफएसआई को मिलेगी। इसके बाद एफएसआई आग की चेतावनी को संबंधित वन्‍य क्षेत्रों को भेजेगा।’
जीपीएस लोकेशन सहित मिलेंगे अलर्ट
ये अत्‍याधुनिक सैटेलाइट आग की चेतावनी जीपीएस लोकेशन के साथ भेजेंगे ताकि जिस जगह आग लगी है उसकी सटीक जानकारी दी जा सके। इसके अलावा उस जगह के फोटो भी एफएसआई कमांड ऑफिस में भेजे जाएंगे। यहां से यह जानकारी पीटीआर के संबंधित अफसरों और फील्‍ड फॉरेस्‍ट फोर्स के मोबाइल पर भेजी जाएगी।
इस व्‍यवस्‍था को प्रभावी बनाने के लिए पीटीआर का डिजिटल मैप एफएसआई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसके साथ पीटीआर के संबंधित अफसरों के मोबाइल नंबर भी उपलब्‍ध कराए गए हैं।
आग से लड़ने के पुख्‍ता इंतजाम
पीटीआर के उप निदेशक आदर्श कुमार ने बताया कि स्‍थानीय स्‍तर पर पीटीआर में आग फैलने से रोकने के लिए 52 में से प्रत्‍येक फॉरेस्‍ट बीट में 20 फायर लाइन स्‍थापित की गई हैं, 40 फॉरेस्‍ट बीट में फायर वॉचर नियुक्‍त किए गए हैं। एक अतिरिक्‍त फायर इंजन का इंतजाम किया गया है।
इसके अलावा उम्‍मीद है कि वर्ल्‍ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूएफ) एक नया और प्रभावी लीफ ब्‍लोअर मुहैया कराने वाला है। यह एक ऐसी मशीन है जिसे चलाने पर सूखी पत्तियों को 10 मीटर दूर तक उड़ाया जा सकता है। चूंकि आग सूखी पत्तियों के सहारे ही आगे बढ़ती है इसलिए आग लगने की हालत में इनका इस्‍तेमाल कर आग को बढ़ने से रोका जा सकता है। कुमार बताते हैं’ हमें लगभग पांच ऐसे लीफ ब्‍लोअर मिलेंगे। इसके अलावा आग से निपटने वाले वन्‍य कर्मियों को स्‍पेशल फायर फाइटिंग किट भी दी गई है।’
-एजेंसियां

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