अब आरोपियों के परिजनों से मिलने जाएंगे वकील एपी सिंह और क्षत्रिय महासभा

हाथरस। हाथरस कांड में आरोपियों के वकील डॉ. एपी सिंह के साथ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रतिनिधिनमंडल बूलगढ़ी गांव जाएगा। ये लोग आरोपियों के परिजनों से बात करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजा मानवेंद्र सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री महेंद्र सिंह तंवर और हाथरस के आरोपियों के वकील एपी सिंह हाथरस पहुंचेंगे।
हाथरस में दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप और मौत के विरोध में आज पंजाब के जालंधर और लुधियाना में दलित समाज ने बंद बुलाया है। वहीं पीड़िता के परिवार का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता, वे अस्थि विसर्जन नहीं करेंगे। भाई ने कहा, ‘जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता और यह साबित नहीं हो जाता कि जो शव जलाया वह मेरी बहन का था, हम अस्थियां प्रवाहित नहीं करेंगे। हमें उसका चेहरा तक देखने नहीं दिया गया।’
‘जबरन अंतिम संस्कार’ पर कोर्ट में बयान देंगे परिजन
पीड़िता के परिवार के 5 रिश्तेदार को 12 अक्टूबर को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में पेशी है। यहां पीड़िता के जबरन अंतिम संस्कार को लेकर उनका बयान लिया जाएगा। बता दें कि हाथरस केस में हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।
12 अक्टूबर को लखनऊ में कोर्ट में पेशी
पीड़िता के भाई ने बताया, ‘हम पांच लोग कोर्ट में पेश होंगे। जिला प्रशासन ने हमसे पूछा था कि 12 अक्टूबर को होनी वाली सुनवाई में परिवार से कितने लोग जाने वाले हैं। पीड़िता के बड़े भाई के अलावा छोटा भाई, बहन, मां और पिता कोर्ट में पेश होंगे। प्रशासन ने हमें लखनऊ तक पूरी सुरक्षा देने का वादा किया है।’
परिवार से मिलीं समाजसेवी मेधा पाटकर
समाजसेवी मेधा पाटकर और संदीप सिंह ने शुक्रवार को बूलगढ़ी में पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मेधा पाटकर ने कहा, ‘परिवार को पोस्टमॉर्टम और मेडिकल रिपोर्ट क्यों नहीं दी जा रही है? अंतिम संस्कार से पहले उसका चेहरा परिवार को क्यों नहीं दिखाया गया? और अगर कुछ गलत नहीं था तो शव परिवार को क्यों नहीं सौंपा गया?’
एसआईटी ने गांव के 40 लोगों से पूछताछ की
हाथरस कांड में एसआईटी की जांच जारी है। एसआईटी ने शुक्रवार को पीड़िता के गांव से 40 लोगों से पूछताछ की। इसमें आरोपियों के रिश्तेदार और पीड़िता के पड़ोसी भी शामिल थे। एसआईटी ने सभी ने घटना के दिन और अंतिम संस्कार के बारे में पूछा। एसआईटी यह जानना चाहती है कि घटना के वक्त वहां कौन-कौन उपलब्ध था और किसने क्या देखा।
पीड़िता के घर पर कड़ी सुरक्षा
डीआईजी शलभ माथुर ने भी गांव का दौरा किया और पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने गांव की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। दलित युवती के परिवार की सुरक्षा में पुलिस ने घर के बाहर और अंदर 8 सीसीटीवी कैमरे और एक मेटल डिटेक्टर लगाया है। इसके अलावा पीड़ित परिवार के घर के पास दमकल की एक गाड़ी और खुफिया विभाग के कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं। पूरा गांव छावनी में बदल दिया गया है।
आरोपियों के परिवार से मिलकर क्‍या बोले वकील एपी सिंह
आरोपियों के परिवार से मिलकर वकील एपी सिंह ने कहा कि पूरी तरह से युवकों को झूठा फंसाया गया है। पुरानी रंजिशों की बदले उन्हें झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि 104 फोन कॉल ने खुद बयां किया है। 62 कॉल लड़की की तरफ से की गई है, इस पर कोई परिवार वाला नहीं बोल रहा है।
वकील ने दुष्कर्म पर कहा कि सीएफएसएल रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट से साफ हो गया कि दुष्कर्म नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि नार्को टेस्ट होने दीजिए, उसे क्यों नहीं कराया जा रहा है। नार्को टेस्ट से सारी सच्चाई का पता चल जाएगा। आरोपी डरे हुए हैं, उन्हें लोगों ने बरगलाया हुआ है। उनको लोगों ने भड़काया है। वकील एपी सिंह ने आरोप लगाया घटना के एक हफ्ते के बाद मामले में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई गई। पीड़िता और उसकी मां के शुरुआती बयानों में दुष्कर्म की बात कहीं नहीं कही गई थी।

-एजेंसियां

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