अब Twitter पर अपशब्‍द इस्‍तेमाल किए तो 7 दिन के लिए एकाउंट बंद

नई दिल्‍ली। Twitter पर गाली-गलौज करने वालों को सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि Twitter एक नये “सेफ्टी मोड” की टेस्टिंग कर रहा है, जो गलत लैंग्वेज में बातचीत करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटेगा। मतलब अगर ट्विटर आपको गलत लैंग्वेज में बातचीत करने का दोषी पाता है तो कंपनी ऐसे लोगों के Twitter एकाउंट को 7 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर बंद कर देगा। बता दें कि Twitter पर गाली-गलौज और तलत तरीके से ट्रोल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है जिससे निपटने के लिए ट्विटर की तरफ से नया फीचर लाया जा रहा है।
होगी सख्त कार्रवाई
माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Twitter ने बताया कि गलत भाषा में बातचीत और हेटफुल रिमार्क करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि नये सेफ्टी फीचर को iOS और एंड्राइन दोनों तरह के यूजर्स के एक छोटे समूह के लिए रोलआउट किया है, जिसे जल्द बाकी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। Twitter का नया सेफ्टी फीचर शुरुआत में केवल अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध रहेगा। Twitter ने इसका ऐलान बुधवार को अपने ब्लॉग पोस्ट में किया है। कंपनी ने कहा कि वो एक नये फीचर को रोलआउट कर रही है, जो यूजर्स को कंफर्टेबल फील कराएगा। साथ ही एक्सपीरिएंस को कंट्रोल में रखने में मदद करेगा। साथ ही यूजर्स को ट्वीटर पर गली-गलौज करने वालों से निजात मिलेगी।
Twitter खतरनाक लैंग्वेज में बात करने वालों के एकाउंट को शुरुआत में 7 दिनों के लिए ब्लॉक कर देगा। साथ ही गाली-गलौज करने वालों को एक नोटिफिकेशन भेजेगा।
इस फीचर को सेटिंग में जाकर टर्न ऑन करना होगा। इसके बाद Twitter का सिस्टम निगेटिव इंगेजमेंट पर नजर रखेगा। Twitter ट्वीट कंटेंट और ट्ववीट करने वाले और रिप्लाई करने वाले के रिलेशनशिप पर भी नजर रखेगा।
कंपनी कहा कहना है कि अगर आपने किसी एकाउंट को फॉलो किया है, जिससे आपकी रोजाना बातचीत होती है तो कंपनी ऐसे एकाउंट को ऑटो ब्लॉक नहीं करेगा।
Twitter खतरनाक लैंगवेज में ट्वीट करने वाले की पहचान की जाएगी। और ऐसे लोगों को ऑटो ब्लॉक कर दिया जाएगा। ऐसे में यूजर्स के एकाउंट को फॉलो नहीं किया जा सकेगा। साथ ही डॉयरेक्ट मैसेज नहीं भेजा जा सकेगा।
Safety Mode को सेटिंग ऑप्शन के प्राइवेसी और सेफ्टी सेक्शन से इनेबल्ड किया जा सकेगा।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *