नॉर्थ कोरिया की ओर से भड़काऊ बयानबाजी लगातार जारी, ट्रंप जवाबी कार्यवाही को तैयार

नॉर्थ कोरिया की ओर से भड़काऊ बयानबाजी लगातार जारी है। नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्री ने अपने देश के परमाणु हथियारों को न्याय की तलवार बताया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की आक्रामक कार्यवाही का जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है। ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल और परमाणु परीक्षणों पर उनका नजरिया अलग है और यह समस्या ऐसी स्थिति में पहुंच गई है जहां कुछ तो किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘आखिर में मैं वहीं करूंगा जो अमेरिका के लिए उचित होगा, जो पूरी दुनिया के लिए ठीक होगा।’
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ की रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का सितंबर में संयुक्त राष्ट्र में दिया गया बयान युद्ध के लिए उकसाने वाला था।
गौरतलब है कि ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में आगाह किया था कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगियों की रक्षा करने की आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका नॉर्थ कोरिया को पूरी तरह तबाह कर देगा।
री ने ‘तास’ से कहा कि नॉर्थ कोरिया के परमाणु हथियार प्रतिरोधक हैं जिससे उसकी अमेरिका से रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि नॉर्थ कोरिया के सामरिक बलों के पास अटूट शक्ति है, जो आक्रामक अमेरिका को दंडित किए बिना नहीं छोडे़ंगे। री ने कहा कि हमारी सेना और उसके लोग लगातार अमेरिकियों को सबक सिखाए जाने की मांग कर रहे हैं।
प्योंगयांग द्वारा पैदा किए जा रहे खतरे को रोकने के मद्देनजर ट्रंप की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ कई विकल्पों पर बुधवार को हुई चर्चा को गंभीरता से लिया जा रहा है।
नॉर्थ कोरिया फरवरी से अब तक 15 परीक्षणों में 22 मिसाइलें दाग चुका है, जिसकी अमेरिका और उसके सहयोगियों ने कड़ी निंदा की थी। प्योंगयांग ने हाल में दो अंतरमहाद्वीपीय बलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) का परीक्षण किया था, जो जापान के ऊपर से होकर गुजरी थीं। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
उधर, अमेरिकी सेना ने हाल ही में कोरियाई क्षेत्र के ऊपर से दो बॉमर उड़ाए। एक दिन पहले ही खबर आई थी कि नॉर्थ कोरिया के हैकरों ने गोपनीय मिलिटरी दस्तावेजों सहित युद्ध के समय के लिए बनाए गए साउथ कोरिया-अमेरिका के प्लान को चुरा लिया है। हालांकि नॉर्थ कोरिया ने इस साइबर हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। तेजी से बदलते घटनाक्रम कोरियाई प्रायद्वीप ही नहीं पूरी दुनिया की शांति के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
-एजेंसी