महामारी के बीच उत्तर कोरिया ने किया मिसाइल परीक्षण

प्‍योंगयांग। पूरी दुनिया कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है। अब तक 11 हजार से अधिक लोग कोरोना से अपनी जान गंवा चुके हैं और करीब तीन लाख लोग इससे संक्रमित हैं। संकट की इस घड़ी में जहां पूरी दुनिया इस महामारी का तोड़ ढूढ़ने में लगी है, वहीं उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग उन ने मिसाइलों का परीक्षण कराया है।
इन मिसाइलों के परीक्षण के दौरान खुद किम जोंग उन वहां पर मौजूद था। बताया जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने शनिवार को छोटी दूरी की दो बैलिस्टिक मिसाइलों को उत्तर प्योंगन प्रांत से पूर्वी सागर में दागा है।
समाचार एजेंसी योनहाप दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ’ के हवाले से यह जानकारी दी।
बीबीसी के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने इस महीने की शुरुआत में ‘फायरिंग ड्रिल’ के हिस्से के रूप में कई मिसाइल दागे थे।
किम 10 अप्रैल को संसद का सत्र आयोजित करेगा
इसके बाद अमेरिका और चीन ने उत्तर कोरिया से परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम खत्म कर फिर से वार्ता पर लौटने का आह्वान किया है। इन मिसाइलों के परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया की सेना ने शनिवार को कहा कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उत्तर कोरिया ने यह घोषणा की थी कि वह 10 अप्रैल को सुप्रीम पीपल्स असेंबली (देश की संसद) का सत्र आयोजित करेगा। इस घोषणा के बाद मिसाइल प्रक्षेपण किया गया है। विश्लेषकों का कहना है कि इस बैठक में लगभग 700 नेता शामिल होंगे।
इससे पहले उत्तर कोरियाई तानाशाहने दावा किया है कि उनके देश में कोरोना वायरस का अब कोई मामला नहीं है। कम्‍युनिस्‍ट देश ने दावा किया कि उसने कोरोना के वायरस पर काबू पा लिया है। किम जोंग ने कहा कि 30 दिन तक सबको अलग-थलग करने, बंद सीमा और चीन के साथ व्‍यापार को रोककर उसने इस महामारी पर काबू पाया है। किम के दावे के उलट विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘असंभव’ है।
‘संकट को छिपाने की कोशिश कर रहा उत्तर कोरिया’
विशेषज्ञों ने कहा कि उत्‍तर कोरिया कोरोना संकट को छिपाने की कोशिश कर रहा है। सीआईए के उत्तर कोरिया व‍िशेषज्ञ रहे जुंग एच पाक ने कहा, ‘उत्तर कोरिया के लिए यह असंभव है कि उसके यहां पर कोरोना से संक्रमण का एक भी मामला न हो।’ उन्‍होंने कहा कि किम जोंग उन यह अविश्‍वसनीय दावा इसलिए कर रहे हैं ताकि उत्तर कोरिया की अर्थव्‍यवस्‍था, मानवाधिकार उल्‍लंघन के मुद्दों और अन्‍य अपराधों से लोगों का ध्‍यान हटाया जा सके।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *