निर्मला सीतारमण ने कहा: हमने जादुई टोपी से कोई खरगोश नहीं निकाला

नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने का संकल्प पेश किया। इस पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- अनुच्छेद 370 हमारे घोषणा पत्र में था, हमने जादुई टोपी से कोई खरगोश नहीं निकाला है।
इससे पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस पर कहा कि आज भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन है। 1947 में दो राष्ट्र सिद्धांत को खारिज करने और भारत के साथ मिलने के जम्मू-कश्मीर नेतृत्व के फैसले को पीछे छोड़ दिया गया है। भारत सरकार की धारा 370 को रद्द करने का निर्णय गैरकानूनी, एकतरफा और असंवैधानिक है। ये भारत को जम्मू-कश्मीर में एक निरंकुश शक्ति बना देगा।
महबूबा ने ट्वीट किया कि उपमहाद्वीप के लिए इसके भयावह परिणाम होंगे। भारत सरकार के इरादे स्पष्ट हैं। वे यहां के लोगों को भयभीत कर जम्मू-कश्मीर का इलाका चाहते हैं। भारत कश्मीर पर अपने वादे निभाने में नाकाम रहा।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया कि अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत नहीं होगी। अमित शाह ने ससंद को यह सूचित कर दिया है कि राष्ट्रपति ने पहले ही इसकी मंजूरी दे दी है। अनुच्छेद 370 की आज मौत हो गई।
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार मकसद हासिल करने क लिए मूल्यों को कुचलना चाहती है।
पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘जम्मू-कश्मीर के नेताओं को नजरबंद किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार अपने उद्देश्य को हासिल करने के लिए सभी लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मूल्यों को कुचल देगी। मैं उन्हें नजरबंद किए जाने की आलोचना करता हूं।’’
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इस कार्यवाही को लेकर पहले ही चेतावनी दे दी थी। लगता है सरकार अब ऐसा करने पर अड़ गई है। कश्मीर में अगर कोई बड़ा संकट आता है को आज दिन खत्म होने से पहले हमें पता चल जाएगा।
कश्मीर में लोकतंत्र खतरे में: आजाद
वहीं, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को कहा कि कश्मीर में लोकतंत्र खतरे में है। शांति खतरे में है। यह लोकतंत्र की हत्या है। केंद्र सरकार साजिश कर रही है। सरकार कश्मीर में पर्यटन के सबसे बेहतर समय पर पर्यटकों को वापस बुला रही है।
‘वाजपेयी जी की कमी महसूस हो रही’
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर में ऐसी स्थिति होने पर कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेयी की कमी महसूस हो रही है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा में होने के बाद भी वाजपेयी जी को हमेशा कश्मीरियों के प्रति सहानूभूति रही। उन्होंने कश्मीर की जनता का प्यार और विश्वास जीता।’’
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर जश्न मना रहे हैं वह इस बात से अनजान हैं कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए किसी भी कदम के दूरगामी नतीजे होंगे।
-एजेंसियां

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