निर्भया केस: चारों दोषियों का नया डेथ वारंट जारी, अब 01 फरवरी को फांसी

नई दिल्‍ली। निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली की अदालत ने सभी चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया। इस नए डेथ वारंट के अनुसार अब 22 जनवरी की जगह सभी दोषियों को एक फरवरी सुबह छह बजे फांसी की सजा दी जाएगी।
आपको बता दें कि शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज कर दी थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार देर रात दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी थी, जिसके बाद राष्ट्रपति ने इसे खारिज कर दिया। दया याचिका खारिज होने के बाद निर्भया के पिता ने कहा था कि यह बहुत अच्छी बात है। जब हमने ‘फांसी देने में देरी हो सकती है वाली खबर सुनी तो हमारी सारी उम्मीदें धूमिल पड़ गई थीं।’ मुकेश सिंह ने दो दिन पहले ही दया याचिका दायर की थी।
फांसी को लेकर राजनीति
केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2018 में रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया था। जेल मंत्रालय जो आम आदमी पार्टी की सरकार के अंतर्गत आता है, वह तब तक नहीं जागा जब तक निर्भया की मां ने सार्वजनिक रूप से गुहार नहीं लगाई।
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सभी काम हमारे द्वारा कुछ घंटों के भीतर पूरे किए गए हैं। हमने इस मामले से संबंधित किसी भी काम में देरी नहीं की है। दिल्ली सरकार की शायद ही इसमें कोई भूमिका हो। हम चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए।
फांसी की सजा पर देरी होने पर क्या कहना है निर्भया के माता-पिता का
निर्भया के पिता ने अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार को जिम्मेदार बताया है। निर्भया के पिता ने कहा कि बेटी को न्याय मिलने में हो रही देरी की वजह की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी की सरकार है। उन्होंने एक चैनल से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट से रिव्यू पीटिशन खारिज होने के बाद राज्य सरकार का काम है कि जेल प्रशासन को नोटिस दे और एक हफ्ते में दोषियों को दया याचिका दाखिल करने को कहे। इस मामले में दिल्ली सरकार चुपचाप बैठ गई। इतना ही नहीं, जब कोर्ट में हम केस लड़ रहे थे तो दिल्ली सरकार ने अपने वकील को भेजकर दोषियों की मदद की। उन्होंने कहा कि कोर्ट में आकर दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने जेल मैन्युअल के बारे में बताया जिससे दोषियों को मदद मिली।
प्रधानमंत्री से बच्ची की मौत के साथ मजाक मत होने दीजिए: आशा देवी
वहीं निर्भया की मां ने कहा कि 2012 में घटना हुई तो इन लोगों ने हाथ में तिरंगा लेकर और काली पट्टी बांधी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए खूब रैलियां की और नारे लगाए। आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा है आप रोक रही है और कोई कह रहा है पुलिस दे दीजिए मैं दो दिन में फांसी पर लटकाकर दिखाउंगा। ये अपने फायदे के लिए फांसी को रोका रहे हैं। इन दोनों के बीच मैं पिस रही हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2014 में कहा था कि ‘बहुत हुआ नारी पर वार अबकी बार मोदी सरकार’ तो साहब मैं हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं जिस तरह से आप दोबारा सत्ता में आए हैं और हजारों काम किए हैं। जैसे 370 हटाई, तीन तलाक हटाई, उसी तरह से आप इस कानून में संशोधन करें क्योंकि कानून बनाने से कुछ नहीं होगा। एक बच्ची की मौत के साथ मजाक मत होने दीजिए और चार दोषियों को 22 तारीख को फांसी होने दीजिए।
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर 2012 को हुई इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। छह आरोपियों ने 23 वर्षीय महिला के साथ चलती बस में मिलकर दुष्कर्म किया था और उसकी बुरी तरफ पिटाई की थी। बाद में छात्रा की मौत हो गई थी। सभी छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों में से एक नाबालिग था इसलिए उसे किशोर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
-एजेंसियां

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