निर्भया केस: जानिए क्‍या होता है Death Warrant या Black Warrant

Nirbhaya Convicts Hanging: निर्भया रेप केस में चारों दोषियों मुकेश, अक्षय, विनय और पवन को अब फांसी होना तय है। फांसी के इस आदेश को Death Warrant कहा जाता है। इसे Black Warrant भी कहते हैं।
इसे मर न जाने तक फांसी पर लटकाया जाए…फॉर्म नंबर 42, यानी मौत के वॉरंट पर लिखी यह लाइन अच्छे-अच्छे बदमाशों की नींद उड़ाने के लिए काफी है।
कानूनी भाषा में इसे ब्लैक वॉरंट Black Warrant या डेथ वॉरंट Death Warrant भी कहा जाता है। यह वह आदेश है जिसके बाद सजा-ए-मौत पाए किसी बंदी को फांसी के फंदे पर लटकाया जा सकता है। निर्भया के दोषियों के लिए 20 मार्च का डेथ वॉरंट पहले ही जारी हो चुका है।
सीधे तौर पर कहें तो यह फांसी से जुड़ी आधिकारिक जानकारी होती है। इसमें कोर्ट बताता है फांसी किसे, कब और कहां होनी है। कोर्ट की तरफ से यह जानकारी जेल इंचार्ज को सौंपी जाती है।
Black Warrant में लिखा क्या होता है?
Black Warrant या Death Warrant में सबसे ऊपर जेल का नाम। फिर दोषी का नाम, केस नंबर, साल, तारीख और वक्त आदि जानकारी लिखी होती है। इसमें ऑर्डर जारी करने वाली कोर्ट का नाम भी होता है। इस वॉरंट में साफ तौर पर लिखा होता है कि ‘जब तक मर न जाए तब तक लटकाया जाए।’ इसे फांसी के बाद उसी कोर्ट को वापस भी देना होता है। इसे ट्रायल कोर्ट का जज जारी करता है, जिसने फांसी की सजा सुनाई होती है।
पहले सीक्रेट रखा जाता था Death Warrant
तिहाड़ में जेलर रहे सुनील गुप्ता ने Death Warrant नाम की एक किताब लिखी है। वह बताते हैं कि पहले Death Warrant जारी होने पर उसे सार्वजनिक करना जरूरी नहीं होता था। आतंकी अफजल गुरु को फांसी देने के वक्त ऐसा ही किया गया था लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस आने के बाद Death Warrant जारी होने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाता है। एक बदलाव यह भी हुआ है कि पहले Death Warrant जारी होने के एक हफ्ते बाद फांसी होती थी लेकिन अब 14 दिन का वक्त दिया जाता है।
Death Warrant लिखकर तोड़ी जाती है कलम
फिल्मों का वह सीन आपको याद है जब किसी को फांसी की सजा सुनाने के बाद जज पैन की निब तोड़ देता था। यह असलियत में भी होता है। ब्रिटिश काल से यह चला आ रहा है। यह कहा जाता है कि जज निब को इसलिए तोड़ देते हैं ताकि दोबारा उससे फिर किसी को फांसी की सजा नहीं मिले और ना ही कोई इस तरह का क्राइम करे।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *