नाइजीरिया: ईशनिंदा में युवा संगीतकार को सुनाई मौत की सजा

अबूजा। पाकिस्तान के बाद अब अफ्रीकी देश नाइजीरिया में ईशनिंदा के आरोप में एक संगीतकार को मौत की सजा सुनाई गई है।
संगीतकार पर आरोप था कि उसने व्हाट्सऐप पर प्रचारित एक गीत में पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की थी। मार्च में संगीतकार के इस गाने के कारण पूरे शहर में दंगे भड़क उठे थे। गुस्साई भीड़ ने संगीतकार के घर को भी जला दिया था।
पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करने का आरोप
जानकारी के अनुसार 22 साल के याहया अमीनू शरीफ को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई। उन्हें मार्च में दंगे भड़काने और ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले के जांचकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर अमीनू यारगॉजे ने फैसले को उचित बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कठोर सजा देने से भविष्य में लोग अपराध करने से डरेंगे।
कोर्ट ने अपील के लिए 30 दिन का समय दिया
इस्लामिक कोर्ट ने याहया अमीनू शरीफ को अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। कानो क्षेत्र के न्याय मंत्रालय के प्रवक्ता बाबा-जीबो इब्राहिम ने कहा कि कोर्ट ने मौत की सजा को इस्लामिक कानूनों के आधार पर सुनाया है। अदालत ने याहया अमीनू शरीफ के दोस्त 13 साल के उमर फारूक को इस मामले में साथ देने के लिए 10 साल जेल की सजा सुनाई है।
नाइजीरिया में शरिया अदालतें सक्रिय
मुस्लिम बहुल उत्तरी नाइजीरिया में कानो में इस्लामी शरिया अदालतें सक्रिय हैं। ये अदालतें स्थानीय सिविल अदालतों के साथ मिलकर काम करती हैं। इस इलाके में सन 2000 में शरिया कानून लागू है जिसमें दोषियों को कड़े दंड देने का प्रावधान है। इससे पहले भी 2015 में तिजानी मुस्लिम संप्रदाय के नौ अनुयायियों को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी।
-एजेंसियां

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