निकोलस बर्न्स का राहुल गांधी को जवाब: चीन के शासक डरपोक हैं, भारत और अमेरिका से उनकी तुलना न करें

नई दिल्‍ली। निकोलस बर्न्स अमेरिका के पूर्व राजनयिक हैं। फिलहाल वह हॉवर्ड केनेडी स्कूल में प्रोफेसर हैं। इसके साथ वह अनेक मुद्दों पर कॉलम भी लिखते हैं। वह कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर लेक्चर देते हैं। 64 साल के बर्न्स ने करीब 27 साल अमेरिकी सरकार के लिए काम किया है। इसमें उन्होंने राजदूत, गृह मंत्रालय के प्रवक्ता, नाटो के प्रवक्ता आदि महत्वपूर्ण पद संभाले हैं।
कोरोना वायरस का दुनिया पर क्या असर पड़ रहा है, इसे लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज प्रोफेसर निकोलस बर्न्स से बात की।
इसी बीच राहुल गांधी ने उनके समक्ष एकबार फिर असिष्णुता का मुद्दा उठाया।
राहुल ने यहां अमेरिका में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना भारत से की और कहा कि दोनों देशों में असिष्णुता बढ़ रही है लेकिन निकोलस बर्न्स ने राहुल गांधी को इस बात का कोई जवाब नहीं दिया। राहुल गांधी ने निकोलस बर्न्स से वीडियो कॉन्फ्रेंस पर बात की थी। राहुल के सवाल पर निकोलस ने कहा कि अमेरिका इस सबसे जल्द बाहर निकल आएगा और भारत पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहते।
निकोलस ने राहुल गांधी से साफ-साफ कहा, अमेरिका जरूर इस सब से निकल आएगा लेकिन मुझे लगता है मैं आपके देश पर कोई टिप्‍पणी नहीं कर सकता क्योंकि मैं वहां के बारे में इतना नहीं जानता।
राहुल गांधी ने निकोलस से कहा कि भारत और अमेरिका में एक समानता है कि दोनों देश सहिष्णु हैं लेकिन अब दोनों ही देशों की यह खासियत उन्हें गायब होती दिख रही है।
राहुल ने यहां अमेरिका में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की तरफ इशारा किया। साथ ही कहा कि जैसे अमेरिका में अफ्रीकी-अमेरिकी, मेक्सिकन-अमेरिकी आदि को बांटा जा रहा है ठीक वैसे ही भारत में हिंदू मुसलमान को बांटने की कोशिश होती है। आगे राहुल ने यह भी कहा कि मैं इस देश के डीएनए को अच्छे से समझता हूं और इसलिए आशा करता हूं कि जल्द सभी समस्याओं का समाधान होगा।
इसके बाद लद्दाख में भारत और चीन के गतिरोध पर निलोकस ने राहुल गांधी से सवाल किया। इस पर राहुल ने कहा कि वह चाहते हैं कि इसका हल लोकतांत्रिक तरीके से ही निकले।
निलोकस ने राहुल से कहा कि चीन, भारत और अमेरिका की बराबरी नहीं कर सकता क्योंकि वहां का शासक डरपोक है। वहां लोकतांत्रिक माहौल नहीं, विचारों को वहां छूट नहीं है।
कोरोना वायरस का दुनिया पर क्या असर पड़ रहा है, इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज अमेरिकी एक्सपर्ट से बात की थी। बातचीत में कोरोना के साथ-साथ भारत और अमेरिका के रिश्तों पर, दोनों देशों की मौजूदा स्थिति पर भी बात की गई। इसमें राहुल गांधी ने कहा कि दोनों जगहों पर ऐसी सरकारें है जो खुद को राष्ट्रवादी बताती हैं लेकिन समाज बांटने का काम करती हैं। इसके साथ ही राहुल ने लॉकडाउन पर भी सवाल खड़े किए।
-एजेंसियां

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