NIA ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आतंकी गतिविधियों का खुलासा किया

नई दिल्‍ली। NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके देशभर में आतंकी गतिविधियों के हुए खुलासों की जानकारी दी।
NIA के IG आलोक मित्तल ने बताया कि देश के 14 राज्यों से ISIS से संबंधित कुल 127 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA का कहना है कि आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) बांग्लादेशी अप्रवासियों की आड़ में भारत में पैर पसार रहा है। आतंकवाद विरोधी दस्तों (एटीएस) के प्रमुखों की एक बैठक को संबोधित करते हुए NIA के महानिदेशक (DG) वाई सी मोदी ने कहा कि जेएमबी ने झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में बांग्लादेशी अप्रवासियों की आड़ में अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। वहीं, ISIS से संबंध रखने के संदेह में गिरफ्तार अब तक 127 आरोपियों में से ज्यादातर ने माना है कि उन्हें जाकिर नाइक के भाषणों ने आतंकवादी बनने को उकसाया।
श्रीलंका के चर्च हमले का मास्टरमाइंड बना प्रेरणा
मित्तल ने बताया कि तमिलनाडु और केरल के तीन केस में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे जारान हसीन के वीडियो और ऑडियो भाषण को सुनकर रैडिकलाइज हुए थे। जारान हसीन श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर चर्च में हुए भयावह हमले का मास्टरमाइंड है। उन्होंने बताया कि सीरियाई आतंकी संगठन ISIS से जुड़े कुल 127 लोग अरेस्ट किए गए हैं। तमिलनाडु से 33, उत्तर प्रदेश से 19, केरल से 17, तेलंगाना से 14 समेत कुल 14 राज्यों से इन संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी हुई है।
जेएमबी नेटवर्क की बड़ी साजिश नाकाम
NIA ने म्यांमार से भागे रोहिंग्या मुसलमानों के आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) नेटवर्क की भारतविरोधी गतिविधियों का भी खुलासा किया।
NIA के आईजी आलोक मित्तल ने बताया कि अक्टूबर 2014 में बर्धवान केस में जेएमबी से संबंधित पहला केस भारत में दर्ज किया गया था। तब पता चला था कि जेएमबी की बांग्लादेश की लीडरशिप 2007 से ही भारत आ रही थी। NIA डीजी ने कहा, ‘NIA ने जेएमबी नेतृत्व से करीबी संबंध रखने वाले 125 संदिग्धों की सूची संबंधित राज्यों के साथ साझा की है।’
रॉकेट लॉन्चर बनाकर ट्रायल भी
मित्तल ने कहा कि 2014 से 2018 के बीच जेएमबी ने बेंगलुरु में 20 से 22 ठिकाने स्थापित किए और दक्षिण भारत में अपने पैर पसारने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘जेएमबी ने कर्नाटक सीमा के पास कृष्णागिरी हिल्स में रॉकेट लॉन्चर्स का परीक्षण भी किया।’ मित्तल ने कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों की हालत के लिए प्रतिशोध स्वरूप जेएमबी बौद्ध मंदिरों पर भी हमला करना चाहता था।
130 लोगों की लिस्ट जांच एजेसियों के पास
NIA के आईजी ने बताया, ‘खाखरागढ़ केस में 35 लोगों को और बोधगया केस में 9 लोगों को चार्जशीट किया गया। उनके अलावा 125 अन्य नाम आए, इनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण चार्जशीट तो नहीं किया जा सका लेकिन ये चार्जशीटेड लोगों के साथ संपर्क में पाए गए।’
उन्होंने कहा कि NIA ने 125 लोगों की लिस्ट तैयार कर राज्यों और केंद्र की जांच एजेंसियों से शेयर की है। जेएमबी की लीडरशिप ने पूछताछ में बताया कि कर्नाटक की एक मीटिंग में जमाएत-ए-मुजाहिदीन (इंडिया) की स्थापना करने की लक्ष्य भी तय हुआ था। पहले पूरे दक्षिण भारत में और फिर पूरे देश में इसका विस्तार करने की योजना थी लेकिन पकड़े गए तो योजना पर काम आगे नहीं बढ़ सका।
पूर्वोत्तर राज्यों में आतंकी गतिविधियां
मित्तल ने पूर्वोत्तर राज्यों में आतंकी गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा, ‘नॉर्थ ईस्ट में सक्रिय उग्रवादी संगठनों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। इन्होंने सुरक्षा बलों के दस्तों और नेताओं पर हमले किए थे। सरकारी फंड भी उग्रवादी गतिविधियों में ट्रांसफर किए गए और सरकारी कर्मचारी/अधिकारी भी इस खेल में शामिल पाए गए। 10 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किए गए हैं।’
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों के आतंकी संगठनों के बेस दूसरे देशों में हैं। इन्होंने म्यामांर में बेस के अलावा ट्रेनिंग कैंप भी बनाए और कई बार वारदात को अंजाम देने के बाद वहां भाग भी गए। उन्होंने कहा, ‘एनडीएफपी असम में 2014 में 2 बार नस्लीय हिंसा की जिनमें 100 लोग मारे गए थे। इस घटना में 9 केस दर्ज हुए जिनमें 4 केस में फैसला आ चुका है। कुछ दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है।’
मिजोरम को बनाया ट्रांजिट पॉइंट
मित्तल ने कहा कि मिजोरम में तीन केस सामने आए। पकड़े गए लोगों ने बताया कि वे मिजोरम को ट्रांजिट पॉइंट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। वे म्यांमार से हथियारों की तस्करी करते हैं और बांग्लादेश में चकम हिल ट्रैक्स के आर्म्ड ग्रुप्स तक पहुंते हैं। उन्होंने कहा कि ये आतंकवादी बांग्लादेशी गिरोहों तक हथियार पहुंचाने के दौरान रास्ते में पकड़े गए और उनसे हथियार बरामद हुए।
उन्होंने बताया कि NIA फेक करंसी मामले की नोडल एजेंसी है। NIA में फेक करंसी और टेरर फंडिंग की सेल बनी है। इस दिशा में भी जोर-शोर से काम चल रहा है।
-एजेंसियां

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