जम्‍मू-कश्‍मीर में NIA की 14 जगहों पर छापेमारी

श्रीनगर। नेशनल इन्‍वेस्टिगेटिंग एजेंसी NIA ने शनिवार सुबह जम्‍मू, रामबन समेत 14 जगहों पर छापेमारी की है। शनिवार को ही राजौरी में हाइवे पर मिली आईईडी को समय रहते डिफ्यूज कर दिया गया, दूसरी ओर पुलवामा में सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए एनकाउंटर में दो आतंकवादी ढेर कर दिए गए। सवाल है कि ये घटनाएं किसी बड़े खतरे का इशारा तो नहीं।
एनआई की छापेमारी लश्‍कर ए मुस्‍तफा (LeM) के टॉप कमांडर हिदायतुल्‍ला मलिक की ग‍िरफ्तारी और जम्‍मू से 5 किलो आईईडी की बरामदगी से जुड़ी बताई जा रही है। 27 जुलाई को पुलिस ने जम्‍मू के नरवाल इलाके में आईईडी के साथ दो लोगों को अरेस्‍ट किया था। पकड़े गए आतंकवादियों से पूछताछ के बाद ही यह पूछताछ चल रही है। इसी दिन जम्‍मू एयरपोर्ट पर दो ड्रोन से हमला भी हुआ था।
सर्च ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर
शनिवार को दो और घटनाएं हुईं। पहली घटना में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों ने एक घंटे तक चले मुठभेड़ के बाद दो आतंकवादियों को मार गिराया है। पिछले 24 घंटे से नागबेरान-तारसर जंगली एरिया में सर्च ऑपरेशन चल रहा था। पुलिस के मुताबिक इस दौरान आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना पर इलाके को घेरने के बाद एनकाउंटर शुरू हो गया। कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों की सर्च पार्टी पर आतंकवादियों की तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। इसके बाद एक घंटे चले एनकाउंटर में दोनों आतंकी मारे गए।
हाइवे पर मिली आईईडी
दूसरी घटना राजौरी जिले पर संदिग्‍ध विस्‍फोटक मिलने की है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में हाइवे पर संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने आईईडी को डिफ्यूज कर दिया। सुरक्षा बलों ने इलाके को खाली करा दिया है।
जम्‍मू में हाई अलर्ट का ऐलान
हाल में जम्‍मू में हाई अलर्ट का ऐलान किया गया था। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि आतंकवादी खासकर 5 अगस्‍त और 15 अगस्‍त को धार्मिक स्‍थलों पर हमले कर सकते हैं। 5 अगस्‍त को अनुच्‍छेद 370 के निरस्‍त होने की बरसी है। बताया जाता है कि सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी भी मिली है कि आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्‍मद और लश्‍कर ए तैबा आईईडी से हमले कर सकते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि आंतकियों के निशाने पर धार्मिक स्‍थल हो सकते हैं।
बढ़ गए हैं ड्रोन मूवमेंट
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के सैन्य प्रतिष्ठानों के ऊपर एक बार फिर ड्रोन की मूवमेंट देखी गई है। गुरुवार शाम एक घंटे के भीतर में सांबा के तीन स्थानों पर संदिग्ध ड्रोन्स को उड़ते देखा गया है। पुलिस के अधिकारियों ने ड्रोन्स की इन मूवमेंट को देखते हुए अब तमाम इलाकों में सर्च ऑपरेशंस शुरू किए हैं। गुरुवार को हुई इस घटना से पहले भी कई बार जम्मू डिविजन के इलाकों में ड्रोन मूवमेंट्स देखी गई हैं।
सुरक्षाबल कस रहे शिकंजा
ये सभी घटनाएं बता रही हैं कि जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकवादी कुछ बड़ा करने की सोच रहे हैं। पिछले कुछ समय से सेना कश्‍मीर के आतंकी संगठनों पर शिकंजा कसती जा रही है। जुलाई में अब तक 14 मुठभेड़ कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में हुई हैं। इनमें कुल 28 आतंकियों को मार गिराया गया है। इनमें अधिकतर लश्कर संगठन के थे, जिनमें आठ टॉप कमांडर शामिल थे।
पंजाब से घुसपैठ की कोशिश
इस समय कश्मीर में घुसपैठ नहीं हो रही है। शुक्रवार को पंजाब के फिरोजपुर जिले में बीएसएफ ने दो पाकिस्‍तानी घुसपैठियों को मार गिराया। यह सब देखते हुए साफ है कि कश्मीर में आतंकी संगठनों के पास आतंकियों के अलावा हथियारों की काफी कमी हो गई है। ऐसे में आतंकवादी कोई बड़ा हमला करके सुरक्षाबलों पर बढ़त बनाना चाह रहे हैं। शनिवार को हुई ये घटनाएं उसी बात की ओर इशारा करती लग रही हैं।
-एजेंसियां

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